Assam Flood News में फिर चिंता बढ़ी। धनसिरि नदी खतरे के निशान से ऊपर, 15 जिले प्रभावित, 1.68 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में, राहत कार्य जारी।
News Saga Desk
असम में Assam Flood News एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। राज्य अभी हाल की विनाशकारी बाढ़ से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया है कि कई इलाकों में दोबारा खतरा मंडराने लगा है। विशेष रूप से ऊपरी असम के शिवसागर, चराईदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य सरकार राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें कर रही है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और बचाव एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं।
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रारंभिक राहत राशि जारी कर दी है और क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण 9 अगस्त से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
धनसिरि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के 6 अगस्त के आंकड़ों के अनुसार, नुमलीगढ़ के पास धनसिरि नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा फिर बढ़ गया है।
Assam Flood News के अनुसार, नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव संसाधन तैनात करने की तैयारी में है।
15 जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित
बाढ़ का असर अभी भी राज्य के 15 जिलों में बना हुआ है। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, शिवसागर, उदालगुरी, कामरूप (मेट्रो), नगांव, कामरूप, दरंग, शोणितपुर, होजाई, लखीमपुर, बिश्वनाथ, जोरहाट, चराईदेव, कार्बी आंगलोंग और धेमाजी शामिल हैं।

इन जिलों के 39 राजस्व मंडलों के कुल 481 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 1,68,701 लोग अब भी बाढ़ की चपेट में हैं। वहीं लगभग 14,382.26 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
मृतकों की संख्या बढ़कर 96 हुई
राहत और बचाव अभियान के दौरान गुरुवार को गोलाघाट और उदालगुरी जिलों से एक-एक शव बरामद किया गया। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है।
Assam Flood News में सामने आए इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बाढ़ का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और कई क्षेत्रों में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
राहत शिविरों में हजारों लोग
प्रभावित लोगों की सहायता के लिए राज्यभर में राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र अभी भी संचालित किए जा रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार—
- 50 राहत शिविर संचालित हैं।
- 83 राहत वितरण केंद्र सक्रिय हैं।
- 10,111 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।
- 35,596 गैर-शिविर निवासी राहत सामग्री प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत के अनुसार राहत सामग्री, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाढ़ के कारण कई इलाकों में मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर जिले में 38 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि दो पक्के मकान भी पूरी तरह नष्ट हुए हैं। इसके अलावा 285 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
बाढ़ से कई सड़कों, पुलों और अन्य आधारभूत ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है। इससे परिवहन और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सरकार ने शुरू की राहत और पुनर्वास प्रक्रिया
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को प्रारंभिक तौर पर 15,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई है। वहीं बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 9 लाख रुपये की राहत राशि दी जा रही है।
सरकार ने घोषणा की है कि क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वेक्षण 9 अगस्त से शुरू किया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता और पुनर्वास योजनाओं को लागू किया जाएगा।
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बचाव अभियान में कई एजेंसियां तैनात
Assam Flood News के बीच राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, अर्धसैनिक बल, वायु सेना, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा दल और प्रशिक्षित स्वयंसेवक लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं।
सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों तक हर संभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
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