BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली पुलिस ने सिंधु बॉर्डर ग्रैफिटी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने SFJ और पन्नू से कनेक्शन बताया।
BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की कथित साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिंधु बॉर्डर पर विवादित और आपत्तिजनक नारे लिखने तथा ग्रैफिटी बनाने के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का संबंध प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) और उसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू से होने का दावा किया गया है।

पुलिस ने इस मामले को आगामी शिखर सम्मेलन के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कथित कोशिश से जोड़कर जांच शुरू की है।
सिंधु बॉर्डर पर ग्रैफिटी से शुरू हुई जांच
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, सिंधु बॉर्डर पर आपत्तिजनक और विवादित नारे तथा पेंटिंग यानी ग्रैफिटी लिखे जाने की सूचना के बाद जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुरागों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। जांच के बाद पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद करने का दावा किया है। फिलहाल एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरी गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के निर्देश पर यह गतिविधि की। पुलिस का दावा है कि पन्नू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की जिम्मेदारी लेने वाला पोस्ट भी किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार मुख्य आरोपी कथित तौर पर एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसे विदेश से आर्थिक मदद मिल रही थी और क्या वह भारत में SFJ से जुड़े अभियानों के संचालन में भूमिका निभा रहा था।
BRICS Summit के लिए दिल्ली में हाई अलर्ट
18वें BRICS Summit 2026 को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई है। भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की बड़ी तैनाती की गई है।
स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (सिक्योरिटी) मनीष अग्रवाल के अनुसार, दिल्ली पुलिस के 15 हजार से अधिक जवानों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों यानी CAPF की करीब 200 कंपनियां भी तैनात हैं।
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