यूएनओ: आठ दशकों की विफलता और प्रासंगिकता का संकट
हाल ही भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जब 16 अक्टूबर को नई दिल्ली में ‘यूएन पीसकीपिंग मिनिस्ट्रियल’ कॉन्क्लेव में तल्ख़ लहज़े में कहा कि, “संयुक्त राष्ट्र आज भी 1945 की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करता है, न कि 2025 की।” परोक्ष रूप से उनका इशारा पिछले आठ दशकों में यूएनओ की विफलताओं, इसकी संरचनात्मक कमजोरियों और सुधार की आवश्यकता की ओर ही था। 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र (यूएनओ) ने अपनी स्थापना के 80 वर्ष पूरे किए। 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध की विभीषिका के बाद ‘भावी पीढ़ियों को युद्ध के संकट से बचाने’ के उद्देश्य से स्थापित यह संगठन आज अपनी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता के गंभीर संकट से जूझ रहा है। गाजा, यूक्रेन, सूडान और हैती जैसे वैश्विक संकटों के बीच यूएनओ की निष्क्रियता ने इसे ‘कागजी शेर’ की संज्ञा दी है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 सालः राष्ट्र निर्माण की कठिन यात्रा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपनी 100वीं वर्षगांठ को उत्सव के बजाय आत्मनिरीक्षण और पुनः समर्पण के अवसर के रूप में देखता है। यह उन दूरदर्शी कार्यकर्ता और स्वयंसेवकों के प्रयासों को मान्यता देने का भी अवसर है जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से इस मार्ग पर कदम रखा है।
जीएसटी दरों में कटौती से किसानों को बड़ी राहत, हो सकती है 60 हजार करोड़ की बचत
भारत सरकार ने खेती से जुड़े उपकरणों, उर्वरकों और अन्य कृषि उत्पादों पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की दरों में महत्वपूर्ण कमी की है। इस निर्णय से देशभर के करोड़ों किसानों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। अनुमान है कि इससे किसानों की सालाना करीब 60,000 करोड़ रुपये तक की बचत होगी।
लद्दाख हिंसा का जिम्मेदार कौन
लद्दाख, जो अब तक शांति और सौहार्द की भूमि के रूप में जाना जाता था, इस समय वह हिंसा और अशांति की लपटों में झुलस रहा है। यहां भड़की हिंसा ने पूरे देश को चौंका दिया। चार लोगों की मौत, अस्सी से अधिक घायल, तीस से ज्यादा सुरक्षाकर्मी लहूलुहान और पूरा लेह कर्फ्यू की गिरफ्त में; यह तस्वीर उस आंदोलन की है जो राज्य का दर्जा और संवैधानिक सुरक्षा पाने के लिए शुरू हुआ था, किंतु देखते ही देखते अराजकता में बदल गया।
शक्ति और साहस का पर्व है नवरात्रि
नवरात्रि का मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा और आराधना के लिए समर्पित है जिन्हें शक्ति, साहस, और नारी सशक्तीकरण का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि का अर्थ है ‘नौ रातें’ और इस दौरान भक्त देवी दुर्गा की विशेष पूजा करते हैं, उपवास रख कर भक्ति में लीन रहते हैं।
नवरात्र का वैज्ञानिक और आध्यात्मिक तादात्म्य
ऐतिहासिक और पौराणिक संदर्भों में आदि शक्ति का इतिहास सनातन है, जहाँ उन्हें परम चेतना, ब्रह्मांड की मूल निर्माता, दृष्टा और संहारक शक्ति के स्वरुप में वर्णित किया गया है। इसलिए मार्कण्डेय पुराण के दुर्गा सप्तशती अंश में कहा गया है कि
भू-धंसाव से नैनीताल में माल रोड खतरे में!
कुछ दिन पहले नैनीताल की प्रसिद्ध माल रोड की सहायक सड़क ‘निचली माल रोड’ का एक बड़ा हिस्सा झील की ओर धंस गया है। कई मीटर लंबे हिस्से में दरारें आ गई हैं। निचली माल रोड में हुए भू-धंसाव के चलते इस हिस्से से लगी मुख्य मालरोड की सुरक्षा को लेकर भी आशंकाएं व्यक्त की जाने लगी हैं।
आतंकवाद पर सहानुभूति : न्याय के बीच एक जरूरी सवाल
पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखा गया पत्र, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के नेता यासीन मलिक के प्रति मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।
मोदी युग: नारी शक्ति का उत्कर्ष काल
भारत की आधी आबादी, जिसे लंबे समय तक घर की चौखट और सामाजिक परंपराओं में सीमित माना जाता था, आज प्रधानमंत्री नरेनद्र मोदी के नेतृत्व में नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।
पंख लगाकर उड़ी हिन्दी
भाषा विज्ञानी अलब्राइट व लैम्बिडन ने सुमेरी को प्राचीनतम लिखित भाषा बताया। इनके मुताबिक पश्चिम को सुमेरी ने प्रभावित किया। उन्होंने बताया अंग्रेजी ‘ऐबिस’ सुमेरी का अब्ज (पृथ्वी के नीचे का जल) है। यूनानी में वह अबुस्सास है। बेबीलोन में इसे अप्सु कहते हैं।