Rugda: 2000 हजार रुपये किलो बाजार में बिकता फिर भी है लोगों की पहली पंसद
बारिश शुरू होते ही झारखंड के हाट-बाजारों में एक खास सब्जी मिलना शुरु हो जाता है. और वह है रुगड़ा यह सिर्फ एक सब्जी नहीं बल्कि झारखंड की पारंपरिक खान-पान और संस्कृति का एक अहम हिस्सा माना जाता है
क्या हमने सुरक्षा के बारे में सोचना बंद कर दिया है?
लखनऊ की हालिया घटना ने एक बार फिर हमें झकझोर दिया है। हर बड़े हादसे के बाद कुछ दिनों तक चर्चा होती है, संवेदनाएँ व्यक्त की जाती हैं
जयपाल सिंह मुंडा की 123वीं जयंती आज, पैतृक गांव टकरा अब भी बदहाली में
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की 123वीं जयंती आज मनाई जा रही है। इस अवसर पर जहां पूरे झारखंड में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया जा रहा है,
पुणे जमीन सौदा विवाद: 1800 करोड़ की सरकारी जमीन 300 करोड़ में बेचने का आरोप
पुणे के मुंधवा-कोरेगांव पार्क स्थित 40 एकड़ की जमीन के विवादित सौदे ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है।
इंडिगो संकट: देशभर में उड़ानें चरमराईं, DGCA की छूट और सरकार की सख्ती से हालात संभलने की कोशिश
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते कई दिनों से गंभीर परिचालन संकट में है। लगातार उड़ानें रद्द होने, देरी से उड़ान भरने और एयरपोर्ट पर भारी अव्यवस्था के कारण लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इतिहास में 15 नवंबर : भगवान बिरसा मुंडा जयंती और झारखंड स्थापना दिवस
15 नवंबर भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन 1875 में रांची ज़िले के उलीहातू गांव में भगवान बिरसा मुंडा का जन्म हुआ था।
महापुरुष स्वामी दयानंद सरस्वती की पुण्यतिथि आज
वैदिक धर्म के महान पुनरुत्थानकर्ता और आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती की आज पुण्यतिथि है। स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म 12 फरवरी 1824 को गुजरात के मोरबी जिले के टंकारा में हुआ था। उन्होंने भारतीय समाज को अंधविश्वास, सामाजिक कुप्रथाओं और रूढ़ियों से मुक्त कराने का संकल्प लिया और वेदों की ओर लौटो का संदेश दिया।
जंगली हाथियों की लगातार घटती संख्या
हाथियों की डीएनए-आधारित गणना के नतीजे आ गए हैं। सार्वजनिक हुए ये नतीजे दुखद हैं। भारत के जंगलों में गजराजों की आबादी तेजी से घटने का तथ्य सामने आया है।संख्या में गिरावट की यह रफ्तार इतनी तेज है कि जरूरी उपाय नहीं किए गए तो गजराजों की गर्जना अतीत की बात हो सकती है। यह पर्यावरणविदों की उस बात पर भी मुहर है जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों से लंबे समय से हाथियों को बचाने की मांग की जाती रही है। गणना आधुनिक तकनीकों से हुई। यह नई डीएनए तकनीक प्रत्येक हाथी की उसके जेनेटिक सिग्नेचर से पहचान करती है। इससे गिनती बिल्कुल सटीक होती है। इसे दुनिया की पहली व्यापक डीएनए-आधारित हाथी गणना का तमगा हासिल है।
परंपरा और प्रौद्योगिकी का संगम है नया भारत
साल 2025 का भारत आर्थिक आत्मविश्वास और अर्जित सम्मान की नई ऊंचाइयों पर खड़ा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ और पश्चिमी दबावों जैसी चुनौतियों के बीच भी भारत ने अपनी विकास दर को स्थिर रखा है। साथ ही समावेशी और टिकाऊ विकास का उदाहरण भी पेश किया है। कहना होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के संगम से एक नई आर्थिक पहचान गढ़ रहा है। सरकारी नीतियों की स्थिरता, जनकल्याण की निरंतरता और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है।
भारत से नक्सलवाद समाप्ति की ओर
तीन दिन तक याचना करने के बाद भी जब समुद्र नहीं माना, तो श्रीराम को क्रोध आ गया और लक्ष्मण से बोले- बिना भय के प्रेम नहीं होता है। इसके बाद, उन्होंने समुद्र को सुखाने के लिए अग्नि बाण चलाने का निर्णय लिया और इसी के बाद समुद्र देव प्रकट हुए और क्षमा याचना की- श्रीराम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यहां रामकथा से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रसंग की चर्चा इसलिए आवश्यक प्रतीत हुई क्योंकि भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र, खासकर छत्तीसगढ़, बंगाल, झारखंड, बिहार व उड़ीसा राज्य करीब पांच-छः दशकों से नक्सलियों, नक्सलवाद व अर्बन नक्सली विचारधारा से रक्तरंजित रूप से ग्रसित रहा है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आखिरकार वर्तमान मोदी सरकार को इस लाल आतंक के पर्याय को आत्मसमर्पण के लिए अंतिम रूप से चेताना पड़ा,“नक्सलियों के साथ कोई संघर्ष विराम नहीं होगा, केवल आत्मसमर्पण ही एकमात्र विकल्प है।” अब विनय की अंतिम सीमा समाप्त हुई।