बौखनाग जात्रा: प्रीतम भरत्वाण के गीतों पर थिरके श्रद्धालु, देवभूमि की अदृश्य शक्ति के कायल हुए अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ
उत्तरकाशी, 26 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड के प्रसिद्ध देवता बौखनागराजा की तीसरी जात्रा ने इस बार कुछ ऐसा जादू बिखेरा कि श्रद्धालु और मेहमान सब हैरान रह गए। हर तीसरे साल मनाए जाने वाले इस मेले की पूर्व संध्या पर लोक गायक प्रीतम भरत्वाण ने अपनी अद्भुत गायकी से वातावरण में एक अनोखा समा बांध दिया।बौखनागराजा को समर्पित इस मेले की रात कुछ खास ही थी। प्रीतम भरत्वाण के गीत “सरुली मेरु मन लगगि”, “सुबधा नालू पाणी गैचि”, और “गजिमाला” ने पूरे इलाके को झूमने पर मजबूर कर दिया। जैसे ही उन्होंने “मोरी रख्या खोली” गाया, एक अजीब सा उत्साह फैल गया। पूरा मेला गूंज उठा और लोग अपनी जगह से खड़े होकर थिरकने लगे, मानो समय ठहर गया हो। उनके गीतों में ऐसी ऊर्जा थी, जो न केवल भक्तों के दिलों को छू रही थी, बल्कि वातावरण को भी जैसे नशे में डूबो रही थी, लेकिन इस सांस्कृतिक संध्या में एक और चमत्कारी मोड़ तब आया जब विदेशी मेहमान अंतरराष्ट्रीय टनल विशेषज्ञ और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक आरनोल्ड डिक्स ने अपनी उपस्थिति से माहौल को और भी रहस्यमय बना दिया। सिलक्यारा टनल की घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब मैं टनल के अंदर था तो मुझे ऐसा लगा जैसे यहां कोई अदृश्य शक्ति मौजूद हो। वह अहसास शब्दों में बयां नहीं कर सकता। उनकी बातों ने कार्यक्रम में मौजूद सभी को चौंका दिया और हर किसी के मन में सवाल उठने लगे- आखिर वह अदृश्य शक्ति क्या थी?कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, क्षेत्रीय विधायक संजय डोभाल, पूर्व न्यायधीश जयदेव शाह, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत समेत कई और सम्मानित लोग भी मौजूद थे। ब्लॉक प्रमुख शैलेन्द्र कोहली ने बौखनाग मेला को राजकीय मेला घोषित किए जाने की बात करते हुए कहा कि इससे मेले की महिमा और बढ़ गई है। पद्मश्री सम्मानित प्रीतम भरत्वाण ने कहा कि मैंने जिंदगी में कई मंचों पर गीत गाए, लेकिन बौखनाग के लिए जो भाव मेरे दिल में हैं, वह शब्दों से बाहर हैं। क्या यह भावनाएं वास्तव में बौखनाग के अदृश्य प्रभाव का परिणाम थीं? यह सवाल हर किसी के मन में था, और शायद यही सवाल बौखनाग मेला की असली कसक भी हो। इस प्रकार बौखनाग मेला की पूर्वसंध्या ने न केवल श्रद्धालुओं के दिलों को छुआ, बल्कि इसे लेकर कई सवालों और रहस्यों को भी जन्म दिया। क्या बौखनाग में कोई अदृश्य शक्ति है? यह रहस्य अभी भी कायम है।
किसान-मजदूरों की आवाज, संयुक्त किसान मोर्चा ने दिया धरना, सरकार को चेताया
गोपेश्वर, 26 नवम्बर (हि.स.)। संयुक्त किसान मोर्चा और केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों ने मंगलवार को अखिल भारतीय चेतावनी रैली के तहत चमोली जिले में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। साथ ही किसानों और मजदूरों की विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों का कहना है कि 26 नवम्बर 2020 को देशभर में मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन शुरू हुआ था, जो अब चार साल पूरे होने को हैं। मोर्चा ने सरकार से किसानों से हुए समझौतों को लागू करने और मजदूर विरोधी नीतियों को बदलने की मांग की गई है।धरने में अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष बस्ती लाल, सीटू के अध्यक्ष मदन मिश्रा और अन्य नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। उनके द्वारा उठाई गई मुख्य मांगों में श्रम कोड्स को रद्द करना, न्यूनतम वेतन बढ़ाना, सभी फसलों के लिए कानूनी समर्थन मूल्य की गारंटी देना, स्वामीनाथन आयोग के अनुसार एमएसपी घोषित करना, किसानों के लिए पेंशन योजना लागू करना, बिजली बिल में राहत और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाना शामिल था।इसके अलावा जंगली जानवरों से किसानों और उनके फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने और गैस, पेट्रोल, डीजल की कीमतों में वृद्धि वापस लेने की भी मांग की गई। धरने में बस्ती लाल, मदन मिश्रा, ज्ञानेंद्र खंतवाल, मनमोहन रौतेला, रमेशचंद्र, प्रकाश चैहान, दीपक कुमार, गीता बिष्ट सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।
तापस रॉय का टीएमसी से इस्तीफा
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह निर्णय राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है, विशेषकर आगामी चुनावों को देखते हुए। पार्टी ने अभी तक इस पर प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन उनके इस कदम से राज्य में विपक्षी दलों को नया मोर्चा मिल सकता है। इस घटनाक्रम से टीएमसी की आगामी चुनावी रणनीति पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
गोवा टूरिज्म का नया रूप: रिकॉर्ड पर्यटक और सतत विकास की दिशा में कदम
गोवा टूरिज्म ने घरेलू पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या दर्ज की है। पर्यावरण-संवेदनशील नीतियों और सुरक्षा उपायों के साथ, यह पर्यटन स्थल खुद को एक स्थायी और आधुनिक पर्यटन मॉडल में बदलने की ओर अग्रसर है। “स्किनिमलिज़्म” का दौर: स्किनकेयर के लिए सरल और प्राकृतिक तरीकापारंपरिक 10-स्टेप स्किनकेयर रूटीन को छोड़, लोग अब “स्किनिमलिज़्म” अपना रहे हैं। यह प्राकृतिक और स्वस्थ चमक पाने का एक आसान और टिकाऊ तरीका है, जो कम उत्पादों के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित करता है। लक्सस और हेरिटेज का अनोखा संगमसिक्स सेंस फोर्ट बरवाड़ा और लेक्सस इंडिया ने एक अनोखा अनुभव प्रस्तुत किया है, जो ऑटोमोटिव लक्ज़री को ऐतिहासिक महलों की भव्यता के साथ जोड़ता है।
हेडलाइन: रांची में ठंड बढ़ने के साथ कोहरे का अलर्ट, मौसम में आ सकता है बदलाव
रांची, 15 नवंबर 2024: झारखंड में ठंड का असर बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने आगामी दिनों में कोहरे की चेतावनी जारी की है। आने वाले सप्ताह के दौरान तापमान में गिरावट और घने कोहरे की संभावना है, जिससे लोगों को यातायात में दिक्कत हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 14 से 19 नवंबर के बीच रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा, जिससे दृश्यता में कमी आएगी। स्थानीय निवासियों को सुबह और देर शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। झारखंड के अन्य हिस्सों में भी ठंड का असर तेज़ी से बढ़ने की संभावना है, और राज्य में आगामी दिनों में ठंडी हवाएं चलने की उम्मीद है। इस बदलाव के साथ, रांची और आसपास के इलाकों में शीतलहर का भी असर महसूस किया जा सकता है
भारत ने जीता रोमांचक मैच, सीरीज़ में बढ़त हासिल की
भारतीय क्रिकेट टीम ने एक शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंदी टीम को हराकर सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बना ली है। यह मैच बेहद रोमांचक रहा, जिसमें भारतीय खिलाड़ियों ने अंतिम ओवर तक संघर्ष किया और शानदार जीत हासिल की। भारतीय टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। ओपनिंग बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दी और फिर मिडिल ऑर्डर ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में भारतीय गेंदबाज़ों ने सधी हुई गेंदबाज़ी करते हुए विपक्षी टीम को लक्ष्य से दूर रखा