रिश्वतखोरी पर सीबीआई का बड़ा शिकंजा, रेलवे इंजीनियर समेत तीन गिरफ्तार

CBI Trap में चक्रधरपुर रेलवे के इंजीनियर को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में सीबीआई की बड़ी छापेमारी।

News Saga Desk

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में तैनात डिप्टी चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कोलकाता स्थित निजी कंपनी एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के दो प्रतिनिधियों को भी आरोपी बनाया गया है।
जांच के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने चक्रधरपुर मंडल में चल रहे सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन कार्यों से जुड़ी कॉन्ट्रैक्ट वेरिएशन फाइल और प्राइस वेरिएशन क्लॉज को मंजूरी देने तथा कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

CBI Trap

सीबीआई की जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारी मई 2026 में इसी मामले में पांच लाख रुपये की अवैध रकम पहले ही ले चुका था। शेष राशि लेने के लिए वह हावड़ा स्टेशन पहुंचा, जहां सीबीआई ने पहले से जाल बिछा रखा था।
जैसे ही आरोपी इंजीनियर ने कंपनी के प्रतिनिधियों से चार लाख रुपये नकद लिए, सीबीआई की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल में आरोपी अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के घरों तथा कार्यालयों में एक साथ छापेमारी की। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।

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सीबीआई को मिली शिकायत के आधार पर 24 जुलाई को एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जांच में रिश्वतखोरी के आरोपों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई गई, जो सफल रही।
सीबीआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल क्षेत्र में रिश्वत लेते हुए किसी सरकारी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ने की यह कई वर्षों बाद की सबसे बड़ी ट्रैप कार्रवाई है। एजेंसी ने कहा है कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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