रांची छात्र प्रदर्शन: संसद मार्च लाठीचार्ज के विरोध में AISA का प्रतिवाद

NEWS SAGA DESK

रांची छात्र प्रदर्शन के तहत AISA ने संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया। संगठन ने निष्पक्ष जांच, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग उठाई।

रांची छात्र प्रदर्शन: संसद मार्च लाठीचार्ज के विरोध में AISA का प्रतिवाद

रांची छात्र प्रदर्शन को लेकर रविवार को राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की ओर से प्रतिवाद दिवस आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन 20 जुलाई को नई दिल्ली में हुए संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई। छात्रों ने शांतिपूर्ण विरोध को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर छात्र संगठनों ने राष्ट्रीय स्तर पर आवाज बुलंद की। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने और संबंधित मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की थी।

रांची छात्र प्रदर्शन

इसी दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। छात्र संगठनों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जबकि पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई थी। इसी घटनाक्रम के विरोध में रांची छात्र प्रदर्शन आयोजित किया गया।

AISA नेताओं ने क्या कहा?

AISA के झारखंड राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। उनके अनुसार, यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर बल प्रयोग किया जाता है तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने और कथित रूप से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

वहीं, रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उनका कहना था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने केंद्र सरकार से छात्रों की चिंताओं पर सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग

AISA की जिला सचिव संजना मेहता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट के ड्यूटी पर मौजूद थे, जो निर्धारित नियमों का उल्लंघन माना जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की।

संगठन का कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रों का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो सकता है।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र रहे शामिल

रांची छात्र प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद रहे। इस मौके पर राकेश बड़ाइक, आकाश रंजन, नौरीन अख्तर, शिव उरांव, सुहानी मेहता, शालीन कुमार, सौरभ बेदिया, ओवेद और अंकित सिंह सहित कई छात्र नेताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की बात दोहराई।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।

परीक्षा व्यवस्था पर क्यों उठ रहे सवाल?

पिछले कुछ समय से विभिन्न भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। कई मामलों में पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की तैयारी और भविष्य को प्रभावित किया है। इससे छात्रों में असंतोष बढ़ा है और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग तेज हुई है।

छात्र संगठनों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने की आवश्यकता है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे।

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छात्रों और परीक्षा व्यवस्था पर असर

बार-बार सामने आने वाली परीक्षा संबंधी विवादित घटनाओं का सबसे अधिक असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ता है। परीक्षा रद्द होने या विवादों में घिरने से समय, आर्थिक संसाधन और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं।

विशेषज्ञ भी मानते हैं कि पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था देश की शिक्षा प्रणाली और रोजगार प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और जवाबदेही तय होने से छात्रों का भरोसा मजबूत हो सकता है।

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