News Saga Desk
सरायकेला नगर पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद मनोज चौधरी ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सरायकेला के समग्र विकास, स्थानीय समस्याओं और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
मनोज चौधरी ने गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन से भी भेंट की। बैठक में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विषयों और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
‘छऊ’ मुखौटा और सरायकेला लड्डू से सम्मान
मुलाकात के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान ‘छऊ’ का पारंपरिक मुखौटा भेंट किया। इसके साथ ही प्रसिद्ध सरायकेला लड्डू की टोकरी, खाटू श्याम धाम से लाया गया श्याम रंग का दुपट्टा ओढ़ाकर तथा मोर पंख भेंट कर उनका सम्मान किया। इसे क्षेत्र की परंपरा और आस्था का प्रतीक बताया गया।
सिविल कोर्ट स्थानांतरण पर जताई चिंता
बैठक में मनोज चौधरी ने सरायकेला सिविल कोर्ट के प्रस्तावित स्थानांतरण आदेश पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यदि कोर्ट को स्थानांतरित किया गया तो लगभग 40 प्रतिशत परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है और शहर की आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। उन्होंने इस आदेश को रद्द करने का आग्रह किया।
चैत्र पर्व को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग
बैठक के दौरान सरायकेला के प्रसिद्ध चैत्र पर्व को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और इसके लिए बजटीय आवंटन बढ़ाने की मांग भी रखी गई। अध्यक्ष ने कहा कि यह पर्व क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है।
विकास और रोजगार सृजन का आश्वासन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरायकेला के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र में आधारभूत संरचना, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण को प्राथमिकता दे रही है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी गणेश महाली, जिला उपाध्यक्ष भोला मोहती और नगर अध्यक्ष शंभू आचार्य सहित कई वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस मुलाकात को सरायकेला के विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।
No Comment! Be the first one.