परमाणु ऊर्जा वाले टैंक के रूप में विकसित करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है। शुरुआती चरण में मौजूदा बख्तरबंद प्लेटफॉर्म पर करीब 10 मेगाजूल की Railgun और पारंपरिक डीजल जनरेशन सिस्टम इस्तेमाल करने की बात है।
NEWS SAGA DESK:
परमाणु ऊर्जा वाले टैंक के रूप में विकसित करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है। शुरुआती चरण में मौजूदा बख्तरबंद प्लेटफॉर्म पर करीब 10 मेगाजूल की Railgun और पारंपरिक डीजल जनरेशन सिस्टम इस्तेमाल करने की बात है। इसका लक्ष्य लगभग 150 किलोमीटर की संभावित रेंज बताया गया है। दूसरे चरण में Railgun की ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर करीब 20 मेगाजूल करने और उन्नत ऊर्जा भंडारण तकनीकों का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव है। इस चरण का लक्ष्य लगभग 300 किलोमीटर की संभावित मारक दूरी बताया गया है।
2045 के बाद Nuclear Power का कॉन्सेप्ट
अंतिम चरण में 10 मेगावाट क्लास के छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर से वाहन को ऊर्जा देने की कल्पना की गई है। प्रस्तावित 50 मेगाजूल Railgun से प्रोजेक्टाइल की गति करीब 3.5 किलोमीटर प्रति सेकंड और सैद्धांतिक रेंज करीब 450 किलोमीटर बताई गई है। लेकिन इस कॉन्सेप्ट के सामने बड़ी तकनीकी चुनौतियां हैं। छोटे वाहन में रिएक्टर, रेडिएशन शील्डिंग, कूलिंग और भारी ऊर्जा की त्वरित आपूर्ति को सुरक्षित तरीके से समायोजित करना बेहद कठिन होगा। Railgun की बताई गई 450 किलोमीटर रेंज भी अभी सैद्धांतिक अनुमान है, वास्तविक युद्धक प्रदर्शन नहीं।
यानी फिलहाल यह चीन का भविष्य के युद्ध के लिए रिसर्च कॉन्सेप्ट है, जिसे वास्तविक सैन्य प्रणाली बनने से पहले कई दौर के सिमुलेशन और वाहन-स्तरीय परीक्षणों से गुजरना होगा।
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