News Saga Desk
रामगढ़। जिले के नेमरा गांव में संथाल समाज की पारंपरिक ‘कुठ कटी’ परंपरा के तहत नाइके बाबा (पाहन) का चयन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री ने पूरी चयन प्रक्रिया में आरंभ से अंत तक सक्रिय भागीदारी निभाते हुए इसकी अध्यक्षता की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के मुखिया होने के साथ-साथ अपने पैतृक गांव के मांझी हड़ाम के रूप में सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया। आमसभा में सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नाइके बाबा चुना गया। परंपरा के अनुसार उन्हें पगड़ी और पारंपरिक हथियार पहनाकर सम्मानित किया गया तथा ग्राम देवताओं की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पूर्व नाइके बाबा सोहन सोरेन के स्वेच्छा से त्यागपत्र देने के बाद यह पद रिक्त हो गया था, जिसके बाद आम सहमति से नए नाइके का चयन किया गया। इस दौरान उन पदाधिकारियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था। कार्यक्रम में मांझी बाबा हेमंत सोरेन, प्राणिक बाबा बिरजू सोरेन, भोदरान बाबा सुखदेव किस्कू, कुड़ाम नाइके छुट्टू बेसरा और जोग मांझी विश्वनाथ बेसरा का भी चयन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनके लिए अपने जन्मस्थल और समाज के बीच आने का अवसर है तथा परंपरा के अनुसार गांव और समाज के साथ बैठक करना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और सिविल सर्जन को समुचित इलाज व नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर गांव और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। रामगढ़ डीसी फैज एक अहमद मुमताज, एसपी अजय कुमार समेत प्रशासन और पुलिस के अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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