चक्रवात अर्नब को लेकर ओडिशा हाई अलर्ट, 302 बचाव टीमें तैनात

NEWS SAGA DESK

चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए ओडिशा हाई अलर्ट पर है। 302 बचाव टीमें तैनात, पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद और भारी बारिश की चेतावनी।

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 302 टीमें अलर्ट पर हैं। पांच जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है।

बंगाल की खाड़ी में

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संभावित चक्रवात के दौरान लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका जताई गई है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

एनडीआरएफ और ओडीआरएएफ की टीमें तैयार

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य में 302 बचाव टीमों को तैयार रखा गया है। इनमें ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और अग्निशमन सेवा की टीमें शामिल हैं।

अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, बचाव उपकरण और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

पांच जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

अन्य जिलों में शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का फैसला स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के आधार पर संबंधित जिला कलेक्टर करेंगे। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में पहाड़ी इलाकों, झरनों, बांधों और पर्यटन स्थलों पर लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासन का उद्देश्य खराब मौसम के दौरान दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रखना है।

गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है।

अस्पतालों को जरूरी दवाएं, मेडिकल किट और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों।

Read More News

नाबालिग छात्रा यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व सिविल सर्जन का करीबी चालक गिरफ्तार, जेल भेजा गया

कोडरमा में नाबालिग आदिवासी छात्रा से यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार के...

Read More