बर्लिन में प्रवासी भारतीयों से बातचीत के दौरान दिया बयान, बच्चों को मेंटरशिप और करियर गाइडेंस देने की अपील
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोप के विभिन्न देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच भारतीय समुदाय की सराहना की है। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में प्रवासी भारतीयों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय शांतिप्रिय है और आम तौर पर समाज में अशांति फैलाने या सड़कों पर हंगामा करने में शामिल नहीं होता। उन्होंने कहा कि विदेशों में भारतीयों को मिलने वाला सम्मान उनके व्यवहार और सामाजिक योगदान को भी दर्शाता है।

गोयल ने कहा कि भारतीय परिवार के साथ रहते हैं, अपने परिजनों की देखभाल करते हैं और शांतिपूर्ण जीवन जीने में विश्वास रखते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ अपवाद हो सकते हैं, जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं।
प्रवासी भारतीयों से बच्चों की मदद करने की अपील
बर्लिन में भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान पीयूष गोयल ने विदेशों में रह रहे भारतीयों से भारत के बच्चों और युवाओं को आगे बढ़ने में मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय मेंटरशिप, डिजिटल प्रशिक्षण और करियर मार्गदर्शन के माध्यम से बच्चों के लिए नए अवसर तैयार कर सकते हैं।
गोयल 22 से 24 अक्टूबर तक आधिकारिक यात्रा पर जर्मनी में थे। इस दौरे का उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना था।
फ्रांस और इटली में विरोध प्रदर्शन
पीयूष गोयल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूरोप के कई देशों में विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। फ्रांस में जीवन-यापन की बढ़ती लागत, वेतन और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर छात्र और युवा सड़कों पर उतरे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इटली में भी 24 अक्टूबर को युद्ध और महंगाई के विरोध में प्रदर्शन हुए। ट्यूरिन, रोम और बोलोग्ना में पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों की खबरें आईं, जबकि मिलान में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे।
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