देवघर दूसरी सोमवारी पर 4 लाख श्रद्धालुओं की भीड़

NEWS SAGA DESK

देवघर दूसरी सोमवारी पर करीब 4 लाख श्रद्धालु पहुंचे। प्रशासन की मुस्तैदी से व्यवस्था सुचारू रही और AI की मदद से भूटानी बुजुर्ग परिवार से मिल सके।

देवघर दूसरी सोमवारी: बाबा बैद्यनाथ धाम में दूसरी सोमवारी के अवसर पर करीब 4 लाख श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में कांवरियों और श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद जिला प्रशासन की तैयारियां पूरी तरह मुस्तैद नजर आईं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम जलार्पण के लिए सूचना एवं जन सहायता केंद्र, स्वास्थ्य शिविर, टोटो एंबुलेंस और अन्य व्यवस्थाओं को लगातार सक्रिय रखा गया। प्रशासन की बेहतर तैयारियों का असर यह रहा कि भारी भीड़ के बीच भी कोई बड़ी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

देवघर दूसरी सोमवारी

श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दूसरी सोमवारी को भी सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से जलार्पण कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मैदान में मौजूद रहीं।

चार लाख श्रद्धालुओं के बीच सुचारू रही व्यवस्था

देवघर दूसरी सोमवारी पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने से मेला क्षेत्र में काफी दबाव रहा। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बनाए गए सूचना एवं जन सहायता केंद्र श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हुए। इन केंद्रों के जरिए बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाने, जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और भीड़ से जुड़ी समस्याओं के समाधान का काम किया गया।

देवघर दूसरी सोमवारी

श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर प्रशासनिक और पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। वहीं, आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और टोटो एंबुलेंस को भी सक्रिय रखा गया। इससे श्रद्धालुओं को जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिली।

10 दिनों में 75 हजार श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच

श्रावणी मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। दूसरी सोमवारी तक मेला क्षेत्र में लगाए गए विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में करीब 75 हजार लोगों की ओपीडी जांच की जा चुकी थी। इनमें लगभग 50 हजार पुरुष, 23 हजार महिलाएं और करीब 2 हजार बच्चे शामिल हैं।

श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें शिविरों में लगातार सेवाएं दे रही हैं। गर्मी, थकान और यात्रा से जुड़ी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के बीच इन शिविरों ने श्रद्धालुओं को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई।

प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को मेला व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है, ताकि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल मदद मिल सके।

AI की मदद से भूटानी बुजुर्ग को परिवार से मिलाया

देवघर दूसरी सोमवारी के दौरान प्रशासन की व्यवस्था का एक मानवीय और तकनीकी उदाहरण भी सामने आया। भारी भीड़ के बीच भूटान से आए बुजुर्ग श्रद्धालु लाल बहादुर खाले अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। अधिक उम्र और विदेशी नागरिक होने के कारण वह काफी परेशान थे।

सूचना एवं जन सहायता केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों की नजर जब उन पर पड़ी तो उन्हें केंद्र पर लाया गया। बुजुर्ग के पास न तो मोबाइल नंबर था और न ही परिजनों से संपर्क करने की कोई विशेष जानकारी। ऐसे में उनके परिवार को ढूंढना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया।

कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और बुजुर्ग की तस्वीर AI की मदद से सभी सूचना एवं जन सहायता केंद्रों तक प्रसारित की। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर अनाउंसमेंट भी कराया गया। इस दोहरी रणनीति का सकारात्मक परिणाम सामने आया और लगातार प्रयास के बाद लाल बहादुर खाले को उनके परिजनों से मिलवा दिया गया।

परिवार से मिलने के बाद जताया आभार

परिजनों से मिलने के बाद बुजुर्ग और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने देवघर जिला प्रशासन की व्यवस्था और कर्मचारियों के सहयोग की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। इस घटना ने यह भी दिखाया कि बड़े धार्मिक आयोजनों में तकनीक और मानवीय प्रयासों का बेहतर समन्वय किस तरह लोगों की मदद कर सकता है।

देवघर दूसरी सोमवारी के दौरान बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिवार से मिलाने के लिए सूचना एवं जन सहायता केंद्रों की भूमिका खास तौर पर महत्वपूर्ण रही। प्रशासन ने ऐसे मामलों में सूचना के त्वरित प्रसार के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया, जिससे तलाश का दायरा बढ़ाने में मदद मिली।

डीसी ने प्रशासनिक टीम की सराहना की

देर रात तक श्रद्धालुओं के सुगम जलार्पण और मेला व्यवस्था को लेकर देवघर के डीसी सौरभ कुमार भुवानिया ने जिला प्रशासन की टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि देवघर एसडीएम के नेतृत्व में तैयार की गई योजना को सही तरीके से लागू किया जा रहा है।

डीसी ने प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी है।

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श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन का संदेश

बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रशासन की ओर से अपील की जा रही है कि श्रद्धालु निर्धारित मार्ग और व्यवस्था का पालन करें तथा किसी भी परेशानी की स्थिति में नजदीकी सूचना एवं जन सहायता केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर मेला क्षेत्र में उपलब्ध स्वास्थ्य शिविरों का लाभ लिया जा सकता है। वहीं, परिवार से बिछड़ने की स्थिति में घबराने के बजाय सहायता केंद्र तक पहुंचना सबसे उपयोगी कदम होगा।कुल मिलाकर देवघर दूसरी सोमवारी पर करीब चार लाख श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद व्यवस्था का सुचारू रहना जिला प्रशासन की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर सहायता केंद्र और तकनीक के इस्तेमाल तक, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी। भूटानी बुजुर्ग को AI और अनाउंसमेंट के जरिए परिवार से मिलाने की घटना इस पूरी व्यवस्था का मानवीय पहलू भी सामने लाती है।

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