Dhanbad में PM सलाहकार तरुण कपूर BCCL परियोजनाओं और झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे। पुनर्वास और कोयला उत्पादन पर भी होगी समीक्षा।
News Saga Desk
धनबाद: प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर रविवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर धनबाद पहुंचे। उनका दौरा 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित है। इस दौरान उनका मुख्य फोकस बीसीसीएल की प्रमुख कोयला परियोजनाओं, उत्पादन से जुड़े कार्यों, झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास पर रहेगा। तरुण कपूर के दौरे को धनबाद और झरिया के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान कोयला उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लंबे समय से आग और विस्थापन की समस्या झेल रहे इलाकों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी।
दुर्गापुर एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
प्रधानमंत्री के सलाहकार के दुर्गापुर हवाई अड्डे पहुंचने पर बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार समेत जिला प्रशासन और बीसीसीएल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हवाई अड्डे से सड़क मार्ग के जरिए तरुण कपूर मैथन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध मां कल्याणेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उनके निर्धारित आधिकारिक कार्यक्रम शुरू हुए।
कोयला भवन में BCCL की योजनाओं पर मंथन
दौरे के दौरान तरुण कपूर कोयला भवन में बीसीसीएल के कामकाज की विस्तृत समीक्षा करेंगे। बैठक में कंपनी के वर्तमान कोयला उत्पादन, आगामी परियोजनाओं, तकनीकी आधुनिकीकरण और खदानों में सुरक्षा व्यवस्था समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से कंपनी की प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति और भविष्य की योजनाओं का प्रस्तुतीकरण भी किया जाएगा।
मूनिडीह की अहम परियोजनाओं का करेंगे निरीक्षण
तरुण कपूर के कार्यक्रम में मूनिडीह की महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी शामिल हैं। वे मूनिडीह कोल बेड मीथेन परियोजना के साथ मूनिडीह लॉन्गवॉल परियोजना का जायजा लेंगे। इन परियोजनाओं में इस्तेमाल हो रही आधुनिक तकनीक, उत्पादन क्षमता, काम की प्रगति और भविष्य के विस्तार की संभावनाओं को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।

झरिया की आग और हाई रिस्क जोन पर भी फोकस
दौरे का सबसे अहम हिस्सा झरिया के अग्नि प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण माना जा रहा है। तरुण कपूर कुसुंडा क्षेत्र में ईएनए आग परियोजना का जायजा लेंगे। इसके साथ ही वे ऐसे इलाकों की स्थिति भी देखेंगे, जिन्हें आग और भू-धंसान के कारण उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। इन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा, विस्थापन और पुनर्वास से जुड़े मामलों पर भी अधिकारियों के साथ चर्चा हो सकती है।
बेलगड़िया और करमाटांड़ पुनर्वास स्थलों का दौरा
प्रधानमंत्री के सलाहकार झरिया मास्टर प्लान के तहत चल रहे पुनर्वास कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। इसके लिए वे बेलगड़िया और करमाटांड़ स्थित पुनर्वास स्थलों का दौरा कर सकते हैं। वहां विस्थापित परिवारों को मिल रही आवासीय सुविधाओं, सड़क, पानी, बिजली और अन्य बुनियादी सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। साथ ही पुनर्वास प्रक्रिया में सामने आ रही चुनौतियों और आगे की योजनाओं पर भी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी।
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कोयला उत्पादन के साथ पुनर्वास पर भी नजर
तरुण कपूर का यह दौरा बीसीसीएल की उत्पादन क्षमता और भविष्य की परियोजनाओं के साथ झरिया के आग प्रभावित इलाकों के सुरक्षित पुनर्वास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो दिनों के दौरे में परियोजनाओं की जमीनी स्थिति देखने के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श होने की संभावना है।
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