News Saga Desk
असम: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव के तहत मज़बत और रांगापाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने मज़बत से प्रीति रेखा बारला और रांगापाड़ा से मैथ्यू टोपनो के पक्ष में प्रचार करते हुए स्थानीय जनता से अपने समर्थन की अपील की।

चाय बागान श्रमिकों के हक की उठाई आवाज
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र की असली ताकत चाय बागान के श्रमिक, किसान और आदिवासी समाज हैं। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपनी मेहनत से बागानों को सींचा, लेकिन उन्हें आज तक उनका हक और सम्मान नहीं मिला।

बुनियादी सुविधाओं की कमी पर जताई चिंता
हेमंत सोरेन ने चाय बागान क्षेत्रों में बिजली, सड़क और पक्के मकानों जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों की समस्याओं को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसे जल्द दूर करना जरूरी है।
एकजुटता को बताया सबसे बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मजदूर, किसान और आदिवासी समाज एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे, तो कोई भी उनकी मांगों को अनदेखा नहीं कर पाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोच-समझकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें और केवल वादों में न उलझें।
सौहार्द और विकास पर दिया जोर
सोरेन ने समाज में शांति और आपसी भाईचारे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभाजन की राजनीति विकास में बाधा बनती है, इसलिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
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