News Saga Desk
मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान ने ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाने के बाद अब अमेरिकी दूतावास भी हमलों की जद में आ गए हैं। मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद और कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावासों पर ड्रोन से हमला किया गया।
बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने आपातकालीन एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से मध्य पूर्व के एक दर्जन से अधिक देशों से ‘तुरंत प्रस्थान’ करने की अपील की है। एडवाइजरी में ‘गंभीर सुरक्षा जोखिमों’ का हवाला दिया गया है।
रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला
मंगलवार (3 मार्च) को रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Reuters ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दूतावास परिसर में आग लगने और धमाके की आवाज सुनी गई।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि हमले में दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया, जिससे इमारत में सीमित आग लगी और मामूली भौतिक नुकसान हुआ। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दो मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) ने चांसरी की छत और परिधि को क्षतिग्रस्त किया। राहत की बात यह रही कि किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
हमले की जिम्मेदारी अब तक किसी संगठन ने नहीं ली है। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं।
कुवैत स्थित दूतावास भी निशाने पर
सोमवार को कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी ड्रोन हमला हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, दूतावास परिसर से धुआं उठता देखा गया। कुवैत में तैनात एक राजनयिक ने बताया कि दूतावास की इमारत सीधे निशाने पर थी।
बाद में दूतावास प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कुवैत के ऊपर मिसाइल और यूएवी हमलों का खतरा बना हुआ है और लोगों से परिसर में न आने की अपील की गई।
अमेरिकी एडवाइजरी: 15 देशों से तत्काल निकलने की अपील
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो संदेश जारी कर अमेरिकी नागरिकों से कई मध्य पूर्वी देशों को तुरंत छोड़ने की अपील की। 2 मार्च शाम 4 बजे (EST) अपडेट की गई एडवाइजरी में बहरीन, कुवैत, मिस्र, लेबनान, ईरान, ओमान, इराक, कतर, इजरायल, वेस्ट बैंक और गाजा, सऊदी अरब, सीरिया, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं।
हमलों की पृष्ठभूमि
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के कई शहरों में समन्वित हवाई हमले किए गए थे। इन हमलों में सैन्य कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल ठिकानों और प्रमुख सरकारी ढांचों को निशाना बनाया गया।
इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई समेत चार वरिष्ठ सैन्य एवं सुरक्षा अधिकारियों की मौत की खबर है। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन सहित कई देशों में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा गया है।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकता है। वाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर कार्रवाई इससे अधिक समय तक भी चल सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं, परमाणु महत्वाकांक्षाओं और आतंकवाद के समर्थन को समाप्त करना है। मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच, क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।
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