जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर अजय जालान की याचिका पर HC में सुनवाई, फैसला सुरक्षित

NEWS SAGA DESK

झारखंड हाई कोर्ट ने जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर अजय जालान की याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मामला मेकान भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है।

जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर

झारखंड उच्च न्यायालय ने मेसर्स जील इंडिया केमिकल्स, रांची के प्रोपराइटर अजय जालान की ओर से दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई की। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। अजय जालान ने पीएमएलए कोर्ट द्वारा उनकी डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने और बाद में उनके खिलाफ आरोप गठित किए जाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता की ओर से पीएमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए अपनी दलीलें पेश की गईं। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।

मेकान से जुड़े भ्रष्टाचार का है मामला

यह मामला मेकान से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों से संबंधित है। आरोप के अनुसार, मेकान के मेटालर्जिकल विंग में सीनियर मैनेजर के पद पर तैनात यूएन मंडल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए चेन्नई की शिव मशीन टूल और रांची की जील इंडिया केमिकल्स को कार्यादेश जारी किया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इन कंपनियों को कार्यादेश जारी करने के एवज में यूएन मंडल ने कथित तौर पर करीब 1.65 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 30 अक्टूबर 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी।

सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने भी कार्रवाई शुरू की। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए प्राथमिकी को आधार बनाते हुए ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की।

पीएमएलए कोर्ट में खारिज हुई थी डिस्चार्ज पिटीशन

मामले में जील इंडिया केमिकल्स के प्रोपराइटर अजय जालान ने खुद को आरोपों से मुक्त करने की मांग को लेकर पीएमएलए कोर्ट में डिस्चार्ज पिटीशन दाखिल की थी। उन्होंने अदालत से मामले में उन्हें डिस्चार्ज करने का आग्रह किया था।

हालांकि, पीएमएलए कोर्ट ने उनकी डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया। इसके बाद उनके खिलाफ आरोप भी गठित किए गए। पीएमएलए कोर्ट के इसी आदेश को अजय जालान ने झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

हाई कोर्ट के फैसले पर नजर

बुधवार को हुई सुनवाई में याचिका से जुड़े सभी प्रमुख पक्षों की दलीलें अदालत के समक्ष रखी गईं। ईडी की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखा गया। सुनवाई पूरी होने के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

अब इस मामले में हाई कोर्ट के निर्णय का इंतजार है। अदालत का फैसला यह स्पष्ट करेगा कि पीएमएलए कोर्ट द्वारा अजय जालान की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने और उनके खिलाफ आरोप गठित किए जाने के आदेश में हस्तक्षेप की आवश्यकता है या नहीं।

इसे भी देखें:-JPSC-JSSC Protest: Attempt to remove students late at night? Babulal Marandi warns Hemant government

उल्लेखनीय है कि मामले में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोप जांच एजेंसियों की कार्रवाई का आधार रहे हैं। इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष संबंधित अदालतों के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।

Read More News

Read More