14 दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद मिसिर बेसरा समेत तीन नक्सलियों को धनबाद जेल भेज दिया गया। NIA, IB और पुलिस ने उनसे पूछताछ की।
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धनबाद। 14 दिनों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा समेत तीन हार्डकोर नक्सलियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मिसिर बेसरा समेत 3 नक्सली जेल भेजे गए के बाद जांच एजेंसियों की ओर से की गई लंबी पूछताछ को लेकर भी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। बुधवार को तीनों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच धनबाद लाया गया, जहां सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
14 दिन की रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत
पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद मिसिर बेसरा समेत 3 नक्सली जेल भेजे गए। धनबाद पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने तीनों की सदर अस्पताल में नियमानुसार मेडिकल जांच कराई। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
सुरक्षा को देखते हुए अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती।
रांची में हुई करीब 11 दिनों तक पूछताछ
पुलिस रिमांड मिलने के बाद 31 जुलाई को तीनों नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची ले जाया गया था। वहां करीब 11 दिनों तक अलग-अलग केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की।
पूछताछ में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और झारखंड पुलिस के अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। एजेंसियों ने माओवादी संगठन की गतिविधियों और उसके नेटवर्क से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझने की कोशिश की।
माओवादी नेटवर्क और फंडिंग पर सवाल
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों का फोकस माओवादी संगठन के नेटवर्क, फंडिंग व्यवस्था, हथियारों की आपूर्ति और संगठन से जुड़े सहयोगियों पर रहा। एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही थीं कि संगठन का नेटवर्क किस तरह संचालित होता है और उसकी गतिविधियों को आर्थिक एवं अन्य संसाधन कैसे उपलब्ध होते हैं।
मिसिर बेसरा समेत 3 नक्सली जेल भेजे गए जाने के बाद अब पूछताछ के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ने की संभावना है। एजेंसियां उपलब्ध जानकारी को दूसरे मामलों और पहले से जुटाए गए इनपुट से जोड़कर आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।
कौन-कौन नक्सली भेजे गए जेल?
धनबाद लाए गए नक्सलियों में मिसिर बेसरा उर्फ सागर, भास्कर और सुनिर्मल के नाम सामने आए हैं। इनके साथ 15 लाख रुपये के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण तथा गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ के नाम भी मामले से जुड़े बताए गए हैं।

मिसिर बेसरा को भाकपा माओवादी संगठन का पोलित ब्यूरो सदस्य बताया गया है। उस पर 2 करोड़ 20 लाख रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी दी गई है। उसकी गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की ओर से संगठन के नेटवर्क को लेकर पूछताछ को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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मेडिकल जांच के बाद जेल भेजने की प्रक्रिया
बुधवार को धनबाद पहुंचने के बाद आरोपियों को सबसे पहले सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी मेडिकल जांच की। न्यायिक प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की।
अस्पताल में नक्सलियों के पहुंचने की सूचना के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ आवाजाही पर भी नजर रखी गई। मेडिकल जांच पूरी होने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
माओवादी संगठन के शीर्ष स्तर से जुड़े माने जाने वाले आरोपियों से पूछताछ जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। खासकर संगठन के नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और सहयोगियों से जुड़ी जानकारी आगे की जांच में उपयोगी हो सकती है।
मिसिर बेसरा समेत 3 नक्सली जेल भेजे गए हैं, लेकिन मामले में जांच का सिलसिला खत्म नहीं हुआ है। रिमांड के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एजेंसियां अन्य संदिग्धों, नेटवर्क और गतिविधियों की भी जांच कर सकती हैं।
रिमांड के दौरान केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की पूछताछ के बाद अब अगला चरण न्यायिक प्रक्रिया और जांच से जुड़ा होगा। एजेंसियां पूछताछ में सामने आए तथ्यों का सत्यापन कर सकती हैं और जरूरत के अनुसार आगे कार्रवाई की जा सकती है।
मिसिर बेसरा पर घोषित बड़ी इनामी राशि और उसके संगठन में कथित पद को देखते हुए इस मामले को झारखंड में माओवादी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के लिहाज से अहम माना जा रहा है। फिलहाल मिसिर बेसरा समेत 3 नक्सली जेल भेजे गए हैं और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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