झारखंड कृषि निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, सरकार बनाएगी मजबूत इकोसिस्टम

NEWS SAGA DESK

झारखंड सरकार कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगी। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने APEDA के साथ बैठक में नई कार्ययोजना की घोषणा की।

रांची: झारखंड कृषि निर्यात को नई दिशा देने की तैयारी में राज्य सरकार जुट गई है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर राज्य में कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की। बैठक में निर्यात बढ़ाने के लिए मजबूत सप्लाई चेन, किसानों और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय तथा नई कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी।

झारखंड कृषि निर्यात

APEDA ने साझा की निर्यात की उपलब्धियां

बैठक में APEDA के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि झारखंड से कृषि उत्पादों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में पूर्वी सिंहभूम और पाकुड़ से आम (मैंगो) का निर्यात सऊदी अरब के लुलु हाइपरमार्केट्स में प्रचारात्मक अभियान के तहत किया गया था।

वहीं वर्ष 2026 में पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, सिमडेगा, गुमला और देवघर जिलों से आम का सफल निर्यात लंदन, दुबई और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक किया गया। इससे राज्य के बागवानी उत्पादों को वैश्विक बाजार में नई पहचान मिली है।

कई देशों में पहुंच रहे झारखंड के कृषि उत्पाद

बैठक में बताया गया कि झारखंड से केवल आम ही नहीं, बल्कि लॉन्ग बीन्स, अरबी (कोलोकैसिया), भिंडी और जिमीकंद जैसे कृषि उत्पाद भी दुबई, कतर, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।

इसके अलावा राज्य का गैर-बासमती चावल रूस, बेनिन, आइवरी कोस्ट, टोगो समेत कई देशों में लगातार भेजा जा रहा है। इससे झारखंड के किसानों को नए बाजार मिल रहे हैं और कृषि उत्पादों की मांग बढ़ रही है।

मजबूत एक्सपोर्ट सप्लाई चेन पर रहेगा जोर

बैठक के दौरान मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड कृषि निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मजबूत और टिकाऊ एक्सपोर्ट सप्लाई चेन विकसित करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसानों से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक लॉजिस्टिक्स, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और प्रसंस्करण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

एफपीओ और निर्यातकों के बीच बनेगा बेहतर समन्वय

मंत्री ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), निर्यातकों, सरकारी विभागों और संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वित (Convergence) मॉडल विकसित किया जाएगा। इससे उत्पादन, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकेगी।

उन्होंने कहा कि यदि सभी हितधारक एक साथ मिलकर काम करें तो झारखंड के कृषि उत्पाद वैश्विक बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

जल्द होगी राज्य स्तरीय हितधारक बैठक

शिल्पी नेहा तिर्की ने घोषणा की कि उनके नेतृत्व में जल्द ही राज्य स्तरीय हितधारक बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें APEDA, विभिन्न विभागों, संभावित एफपीओ, निर्यातकों और अन्य संबंधित संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा।

इस बैठक में झारखंड कृषि निर्यात को नई गति देने, किसानों की आय बढ़ाने और निर्यात आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

अधिकारियों और निर्यातकों ने भी रखे सुझाव

बैठक में APEDA की सहायक महाप्रबंधक अंजलि नेहा लकड़ा और क्षेत्रीय प्रमुख (कोलकाता) सीताकांत मंडल मौजूद रहे। वहीं झारखंड के निर्यातक अब्दुल हमीद खान (ऑल सीज़न्स फार्म फ्रेश) ने राज्य के निर्यात क्षेत्र से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और निर्यात प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए कई सुझाव दिए।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड के कृषि और बागवानी उत्पाद गुणवत्ता के मामले में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। राज्य सरकार किसानों, एफपीओ और निर्यातकों के बीच मजबूत तालमेल स्थापित कर कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि निर्यात बढ़ने से किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, कृषि आधारित रोजगार बढ़ेंगे और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

Read More News

दिल्ली में झारखंड का ‘इन्वेस्टमेंट ब्लूप्रिंट’ तैयार, उद्योगों के जरिए लाखों रोजगार सृजन पर सरकार का बड़ा फोकस

नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 में झारखंड को देश का प्रमुख निवेश और...

Read More