लातेहार बस हादसा: ओरसा घाटी दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 10, छत्तीसगढ़ सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान

News Saga Desk

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरसा घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सोमवार को इलाज के दौरान एक और घायल की मौत के बाद यह आंकड़ा बढ़ा। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग छत्तीसगढ़ के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।

स्थानीय लोगों की तत्परता से बचीं कई जानें

रविवार को बस के दुर्घटनाग्रस्त होते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। बस के नीचे दबे यात्रियों को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे कई घायलों की जान बच सकी। प्रारंभिक तौर पर हादसे में रेशांति देवी, प्रेमा देवी, सीता देवी, सोनामति देवी और सुखना भुईयां की मौके पर ही मौत हो गई थी। रविवार शाम तक मृतकों की संख्या छह पहुंच गई थी, जो सोमवार को बढ़कर दस हो गई।

घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में किया गया रेफर

दुर्घटना के बाद घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ लाया गया, जहां से 58 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया। गंभीर रूप से घायल नौ लोगों को सदर अस्पताल गुमला, एक को रांची, तीन को लातेहार सदर अस्पताल और 45 घायलों को छत्तीसगढ़ भेजा गया।
रविवार शाम महुआडांड़ स्वास्थ्य केंद्र में विजय नागेसिया की मौत हो गई, जबकि लातेहार सदर अस्पताल में लीलावती देवी और गुमला सदर अस्पताल में फगुआ राम व रमेश पनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सोमवार सुबह होलीक्रॉस अस्पताल अंबिकापुर (छत्तीसगढ़) में भर्ती गंभीर रूप से घायल परशुराम सोनवानी की भी मौत हो गई। सभी मृतक छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पीपर सोट के निवासी थे।

डीसी के निर्देश पर जांच, ओवरस्पीड-ओवरलोडिंग प्राथमिक कारण

लातेहार उपायुक्त के निर्देश पर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी गई है। एमवीआई सुनील कुमार, डीटीओ कार्यालय के कर्मी ऋषि कुमार और आरसीडी विभाग के जूनियर इंजीनियर रोशन कुमार ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क की स्थिति, ढलान, मोड़ और सुरक्षा संकेतकों का आकलन किया गया।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर संभाग से आरटीओ अधिकारी यशवंत कुमार यादव और ट्रैफिक इंस्पेक्टर विमलेश देवांगन भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीड और ओवरलोडिंग को हादसे का मुख्य कारण माना गया है। अधिकारियों के अनुसार, विस्तृत तकनीकी जांच मंगलवार को की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया शोक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये और सभी घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। यह सहायता राशि प्रशासन की तत्काल राहत और बीमा से मिलने वाली राशि के अतिरिक्त होगी।

बेहतर इलाज के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और इलाज में किसी प्रकार की कमी न हो। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मृतकों के नाम (सभी बलरामपुर, छत्तीसगढ़ निवासी):

  1. रेशांति देवी
  2. प्रेमा देवी
  3. सीता देवी
  4. सोनामति देवी
  5. सुखना भुईयां
  6. विजय नागेसिया
  7. लीलावती देवी
  8. फगुआ राम
  9. रमेश पनिका
  10. परशुराम सोनवानी

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