Parliament Monsoon Session 2026 आज से शुरू हो रहा है। विपक्ष NEET पेपर लीक, श्रीराम मंदिर चढ़ावा और एथेनॉल जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्र 13 अगस्त तक चलेगा।
News Saga Desk
Parliament Monsoon Session 2026 आज से शुरू हो रहा है और इसके पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं। विपक्ष ने कई अहम राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह इस सत्र के दौरान महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश करने और पारित कराने पर जोर देगी। Parliament Monsoon Session 2026 13 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।
सत्र शुरू होने से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, एथेनॉल नीति, NEET पेपर लीक, परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की मांग उठाई। हालांकि सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया।
सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में लगभग 40 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने कई राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने की मांग की।
विपक्ष ने कहा कि श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी, NEET पेपर लीक और एथेनॉल नीति जैसे विषय जनता से जुड़े हुए हैं और इन पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। साथ ही महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों की वर्तमान स्थिति पर भी सरकार से जवाब मांगा गया।
तृणमूल के बागी गुट को लेकर हुआ विवाद
बैठक की शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट को आमंत्रित किए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और शिवसेना (यूबीटी) सहित कई दलों ने कुछ समय के लिए बैठक का बहिष्कार भी किया।
विपक्ष का तर्क था कि जिस गुट को अभी तक सदन में आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है, उसे सर्वदलीय बैठक में बुलाने का आधार क्या है।
सरकार ने दिया अपना पक्ष
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि लोकसभा के 20 सांसदों ने अलग संसदीय समूह बनाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष आवेदन दिया है। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है, लेकिन सदस्यों की संख्या को देखते हुए उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद विपक्षी दल दोबारा बैठक में शामिल हो गए और आगे की चर्चा सामान्य रूप से चली।
आठ महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी
केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि Parliament Monsoon Session 2026 के दौरान आठ महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन विधेयक तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान से संबंधित विधेयक प्रमुख हैं।
हालांकि महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक को लेकर सरकार ने अभी कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार को आवश्यक समर्थन मिलता है तो इन महत्वपूर्ण विधेयकों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है।
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प्रधानमंत्री का संभावित संबोधन
संसद का मानसून सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करने की संभावना है। माना जा रहा है कि वह सत्र की प्राथमिकताओं, सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष से सहयोग की अपील पर अपने विचार रख सकते हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, “बैठक सकारात्मक रही। सभी दलों ने अपनी बात रखी। सदन बिना किसी रुकावट के चले, यह सरकार और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है।”
संसद का मानसून सत्र हर वर्ष सरकार के विधायी एजेंडे और विपक्ष के जवाबदेही संबंधी मुद्दों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार NEET पेपर लीक, श्रीराम मंदिर चढ़ावा, एथेनॉल नीति, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे विषय पहले से ही राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। ऐसे में इस सत्र के दौरान इन मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।
यदि संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलती है तो महत्वपूर्ण विधेयकों पर निर्णय लेने, नई नीतियों को आगे बढ़ाने और जनहित के मुद्दों पर व्यापक चर्चा का अवसर मिलेगा। वहीं लगातार हंगामे की स्थिति में विधायी कार्य प्रभावित हो सकते हैं, जिससे कई प्रस्तावित विधेयकों में देरी संभव है।
संसद की कार्यवाही का सीधा प्रसारण संसद टीवी और आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखा जा सकता है। नागरिक लोकसभा और राज्यसभा की वेबसाइटों पर भी विधेयकों, प्रश्नकाल और दैनिक कार्यवाही से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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