संसद का मानसून सत्र समाप्त, दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को भारी हंगामे के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

News saga Desk

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र गुरुवार, 13 अगस्त को भारी हंगामे और राजनीतिक गतिरोध के बीच समाप्त हो गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मानसून सत्र के आखिरी दिन दोनों सदनों में विपक्षी दलों के विरोध और हंगामे का असर देखने को मिला। लोकसभा की कार्यवाही जहां निर्धारित समय से काफी पहले स्थगित कर दी गई, वहीं राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित होने के बाद कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई।

हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

मानसून सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सदन में लगातार नारेबाजी और विरोध के बीच सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ।

संसद

आमतौर पर आखिरी दिन सदन की कार्यवाही शाम तक चलने की संभावना रहती है, लेकिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही करीब 11 बजकर 5 मिनट पर ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही लोकसभा में संसद का मानसून सत्र औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।

सत्र के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी संसद पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 20 जुलाई के बाद पहली बार अमित शाह सदन में नजर आए। उनकी मौजूदगी भी दिन की प्रमुख राजनीतिक गतिविधियों में रही।

विपक्ष के हंगामे का दिखा असर

सत्र के अंतिम दिन विपक्षी दलों के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। विपक्ष की ओर से अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए जाते रहे। हंगामे के बीच पीठासीन अधिकारियों के लिए सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण रहा।

संसद का मानसून सत्र इस बार कई राजनीतिक मुद्दों और सत्ता पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस का गवाह रहा। कई मौकों पर दोनों सदनों में विरोध और हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित हुई। अंतिम दिन भी यही स्थिति बनी रही और लोकसभा को समय से पहले स्थगित करना पड़ा।

राज्यसभा में खनिज संशोधन विधेयक पारित

राज्यसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन कामकाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा हुआ। सदन ने ‘खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026’ को पारित किया।

यह विधेयक खनन और खनिज क्षेत्र से संबंधित नियामकीय व्यवस्था में प्रस्तावित बदलावों से जुड़ा है। राज्यसभा से विधेयक के पारित होने के बाद सत्र के अंतिम दिन सदन की प्रमुख विधायी गतिविधियों में इसे महत्वपूर्ण माना गया।

हालांकि, विधेयक पर चर्चा के दौरान और सदन के अन्य कामकाज के बीच राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष की सक्रियता भी बनी रही।

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खड़गे ने हल्द्वानी के कथित शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया

राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद कथित तौर पर हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस घटनाक्रम को सदन में उठाते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

खड़गे द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के तत्काल बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस तरह दोनों सदनों की कार्यवाही के स्थगन के साथ संसद का मानसून सत्र समाप्त हो गया।

पूरे सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद देखने को मिले। विपक्ष ने विभिन्न विषयों को लेकर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में कम समय तक चली कार्यवाही और राज्यसभा में विधेयक पारित होने के बाद स्थगन ने एक बार फिर राजनीतिक गतिरोध को सामने ला दिया। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही अब अगले सत्र तक नहीं चलेगी।

संसद के दोनों सदनों के अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के साथ संसद का मानसून सत्र समाप्त हो चुका है। अब सत्र के दौरान हुए विधायी कामकाज, उठाए गए मुद्दों और सरकार-विपक्ष के बीच हुए टकराव का राजनीतिक मूल्यांकन होगा।

आखिरी दिन की घटनाओं ने यह भी दिखाया कि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों के बीच राजनीतिक असहमति और विरोध का मुद्दा कितना प्रभावी रहा। लोकसभा में भारी हंगामे के कारण कार्यवाही समय से पहले स्थगित हुई, जबकि राज्यसभा ने एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया।

इस तरह 13 अगस्त को संसद का मानसून सत्र दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के साथ समाप्त हुआ। अब आगामी संसदीय गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।

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