News Saga Desk
झारखंड सरकार के आगामी ‘अबुआ दिशोम बजट 2026-27’ को लेकर आयोजित दो दिवसीय बजट पूर्व गोष्ठी शुक्रवार को संपन्न हो गई। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि इस बार का बजट पूरी तरह लोकतांत्रिक, समावेशी और जनता की अपेक्षाओं पर आधारित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट निर्माण में सभी वर्गों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी।
वित्त एवं राजस्व: टैक्स सुधार पर जोर
वित्त मंत्री ने राज्य के राजस्व संग्रह को मजबूत करने और टैक्स प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि असंगठित ठेकेदारों और ट्रांसपोर्टरों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए टैक्स से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए ‘माफी योजना’ लागू की जाए इससे कर आधार बढ़ेगा और राजस्व में वृद्धि होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र: कैंसर रोकथाम और आधुनिक सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
गोष्ठी में प्रमुख सुझाव रहे—
महिलाओं में बढ़ते ब्रेस्ट कैंसर की रोकथाम के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीन की स्थापना, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, रिम्स-2 की स्थापना और सभी जिलों में 10-10 आईसीयू बेड की सुविधा.
कृषि एवं खाद्य सुरक्षा: PDS में मिलेट्स शामिल करने का प्रस्ताव
खाद्य आपूर्ति विभाग को सुझाव दिया गया कि राशन कार्ड (PDS) के तहत सिर्फ अनाज ही नहीं, बल्कि
मिलेट्स (मोटा अनाज)
.दाल
.सरसों तेल
.अंडा
भी उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही, प्रति व्यक्ति अनाज की मात्रा 5 किलो से बढ़ाकर 7 किलो करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
शिक्षा और आदिवासी कल्याण: उच्च शिक्षा पर फोकस
मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि राज्य में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर लगभग शून्य हो चुकी है।
उच्च शिक्षा और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए—
बिरसा मुंडा विश्वविद्यालय की स्थापना : मैट्रिक पास युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से आसान ऋण उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जाएगा।
नवाचार और संस्कृति: महुआ ब्रांडिंग और GI टैगिंग : विशेषज्ञों ने झारखंड के महुआ की व्यावसायिक क्षमता को रेखांकित करते हुए इसे गोवा की ‘फैनी’ की तर्ज पर ब्रांड करने का सुझाव दिया।
साथ ही— राज्य की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प, मक्का और मशरूम, की GI टैगिंग के लिए एक समर्पित पोर्टल बनाने पर सहमति बनी।
बजट गोष्ठी के 5 क्रांतिकारी सुझाव
खाद्य सुरक्षा: PDS में मिलेट्स और दाल शामिल करना, ग्रीन कार्ड का दायरा बढ़ाना
ऊर्जा: अगले 10 वर्षों के लिए ग्रीन एनर्जी रोडमैप तैयार करना
रोजगार: युवाओं को स्वरोजगार हेतु बैंकों से सुलभ ऋण (Sovereign Guarantee)
संस्कृति: आदिवासी भाषाओं में विज्ञान की पढ़ाई और महुआ की ब्रांडिंग
सुरक्षा: महिलाओं और बच्चों की तस्करी रोकने के लिए सख्त प्रावधान
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