रांची में SIR को लेकर उपायुक्त की राजनीतिक दलों संग बैठक, दिए निर्देश

NEWS SAGA DESK

जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR 2026) की बैठक हुई। BLO घर जाकर दस्तावेज एकत्र करेंगे, नोटिस के लिए ऑनलाइन व्यवस्था और BLOs पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

झारखंड की राजधानी रांची में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतनीकरण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। 1 अक्टूबर 2026 को जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त (DC) रांची, श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

श्री मंजूनाथ भजंत्री

बैठक में जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री विवेक कुमार सुमन, जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), प्रशिक्षु आईएएस सुश्री आस्था शरण, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) तथा प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के संशोधित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

नो मैपिंग और गड़बड़ियों (Anomalies) का समाधान करेंगे BLO

बैठक में बताया गया कि जिन मतदाताओं/नागरिकों को No Mapping या विवरणों में त्रुटियों (Anomalies) के कारण नोटिस जारी किया गया है, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी:

  • संबंधित बीएलओ (BLO – Booth Level Officer) खुद मतदाताओं के घर-घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करेंगे।
  • इन दस्तावेजों को बीएलओ द्वारा ECINet / BLO App पर अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर संबंधित ERO/AERO द्वारा निर्णय लिया जाएगा।
दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं, ऑनलाइन पोर्टल का करें प्रयोग

बैठक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नोटिस प्राप्त मतदाताओं को सुनवाई या सत्यापन के लिए ERO या AERO कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए बुलाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

  • आधिकारिक वोटर पोर्टल: आम नागरिकों और राजनीतिक दलों से अपील की गई कि दस्तावेजों को जमा करने के लिए निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in का उपयोग करें।
  • ऑनलाइन सुनवाई: केवल अति-आवश्यक या असाधारण परिस्थितियों में ही संबंधित अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से सुनवाई की जाएगी।
  • प्रतिनिधि की अनुमति: यदि आवश्यक हुआ, तो मतदाता अपने परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य को सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत कर सकता है।

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