NEWS SAGA DESK
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज पांचवां और अंतिम दिन रहा। कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, जहां विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरा और जवाब की मांग की।
आज सदन में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर दो महत्वपूर्ण प्रतिवेदन पटल पर रखने वाले हैं
- झारखंड में लघु खनिज प्रबंधन से संबंधित प्रतिवेदन
- भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) का वित्त लेखा परीक्षा और विनियोग लेखा प्रतिवेदन
इन प्रतिवेदनों पर सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
इधर, गुरुवार को झारखंड पर्यटन विकास और निबंधन संशोधन विधेयक 2025 पारित किया गया, जिससे राज्य में पर्यटन निवेश बढ़ने और निबंधन प्रक्रियाओं में सुधार की उम्मीद है।
शून्यकाल में केंद्र पर गंभीर आरोप, सत्ता–विपक्ष में तीखी नोकझोंक
आज शून्यकाल में राज्य सरकार ने केंद्र पर सहयोग न करने का आरोप लगाया। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि झारखंड के हिस्से के 1.36 लाख करोड़ रुपये कोयला बकाया मामले में केंद्र की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जबकि आश्वासन पहले दिया जा चुका है।
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी कहा कि केंद्र के सहयोग न मिलने से विभाग की कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं और संबंधित केंद्रीय मंत्री राज्य के मंत्रियों को मुलाकात का समय तक नहीं देते, जिससे काम अटक रहा है।
इस दौरान सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप चले। सत्र के अंतिम दिन कई विधायी कार्यों के निपटारे के साथ माहौल पूरे दिन गर्म बना रहा।
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