श्रावणी मेला 2026 में बाबा बैद्यनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाने पर रोक की तैयारी है। सुरक्षा के लिए 900 CCTV, AI कैमरे और क्लॉक रूम की व्यवस्था होगी।
श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर देवघर जिला प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। 30 जुलाई से शुरू होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में इस बार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और बेहतर भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी दिशा में प्रशासन एक बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए मंदिर परिसर के बाहर मोबाइल सुरक्षित रखने की विशेष व्यवस्था भी की जा रही है।

हर वर्ष श्रावणी मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन आधुनिक तकनीक और सख्त सुरक्षा उपायों के जरिए मेले को अधिक व्यवस्थित बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में मोबाइल ले जाने पर रोक की तैयारी
इस वर्ष की सबसे बड़ी प्रस्तावित व्यवस्था मंदिर में मोबाइल फोन के प्रवेश पर रोक है। प्रशासन का मानना है कि मोबाइल फोन के कारण सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन दोनों प्रभावित होते हैं।
देवघर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) रवि कुमार ने बताया कि कई बार कुछ लोग भीड़ का फायदा उठाकर मंदिर परिसर की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं। वहीं, कई श्रद्धालु गर्भगृह में वीडियो बनाने या फोटो खींचने के लिए अधिक समय तक रुक जाते हैं, जिससे दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती है और अनावश्यक भीड़ बढ़ जाती है।
इसी वजह से श्रावणी मेला 2026 के दौरान मोबाइल प्रतिबंध लागू करने की तैयारी की जा रही है, ताकि दर्शन प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित बनी रहे।
मंदिर परिसर के बाहर बनेगा क्लॉक रूम
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन मंदिर परिसर के बाहर सुरक्षित क्लॉक रूम तैयार कर रहा है। यहां श्रद्धालु अपना मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान सुरक्षित जमा कर सकेंगे।
एसडीओ रवि कुमार के अनुसार क्लॉक रूम में पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। सभी व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद मोबाइल प्रतिबंध पर अंतिम निर्णय लागू किया जाएगा। इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
सुरक्षा के लिए लगाए जाएंगे 900 CCTV कैमरे
श्रावणी मेला 2026 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत रहेगी। प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र और मंदिर परिसर में करीब 900 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है।
इनमें 25 अत्याधुनिक पीटीजेड (Pan, Tilt and Zoom) कैमरे भी शामिल होंगे, जिनकी मदद से कंट्रोल रूम से विभिन्न स्थानों की निगरानी की जा सकेगी। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम भी मंदिर परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन कर चुकी है।
AI तकनीक से होगी भीड़ और खोया-पाया प्रबंधन
इस बार मेले में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी उपयोग किया जाएगा। दुम्मा प्रवेश द्वार पर AI आधारित कैमरे लगाए जाएंगे, जो श्रद्धालुओं की संख्या का वास्तविक समय में आकलन करेंगे।
इसके अलावा यदि कोई श्रद्धालु भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ जाता है, तो AI तकनीक की सहायता से उसकी पहचान कर खोया-पाया केंद्र के माध्यम से परिवार से मिलाने में मदद मिलेगी। इससे भीड़ प्रबंधन और राहत कार्य दोनों अधिक प्रभावी बनेंगे।
पृष्ठभूमि: क्यों जरूरी हैं नई व्यवस्थाएं?
श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर साल लाखों कांवरिये और श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण सुरक्षा, ट्रैफिक, भीड़ नियंत्रण और दर्शन व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार तकनीक आधारित निगरानी और नई व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
श्रद्धालुओं पर क्या होगा प्रभाव?
यदि मोबाइल प्रतिबंध लागू होता है, तो शुरुआत में कुछ श्रद्धालुओं को असुविधा महसूस हो सकती है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि इससे दर्शन प्रक्रिया अधिक तेज होगी, गर्भगृह में भीड़ कम होगी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनेगी।
AI कैमरे, क्लॉक रूम और आधुनिक निगरानी प्रणाली जैसी सुविधाएं श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेंगी। साथ ही खोया-पाया व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।
आधिकारिक बयान
देवघर के एसडीओ रवि कुमार ने कहा कि मोबाइल फोन के कारण सुरक्षा संबंधी कई चुनौतियां सामने आती रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर के बाहर क्लॉक रूम बनाए जा रहे हैं। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लागू किया जाएगा।
इसे भी देखें…Morabadi Street Vendors Protest: 14 जुलाई को नगर निगम घेराव का ऐलान
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी जानकारी
30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेला 2026 में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, सुरक्षा जांच में सहयोग करें और केवल आवश्यक सामान के साथ यात्रा करें। यदि मोबाइल प्रतिबंध लागू होता है, तो मंदिर परिसर के बाहर उपलब्ध क्लॉक रूम का उपयोग करें और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
No Comment! Be the first one.