Teejan Bai Death News: पांडवानी की महान लोक गायिका तीजन बाई के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं ने जताया शोक

Teejan Bai Death News: पद्म विभूषण सम्मानित पांडवानी लोक गायिका तीजन बाई के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी और कई नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।

News Saga Desk

भारतीय लोक कला और संस्कृति जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। पद्म विभूषण से सम्मानित प्रख्यात पांडवानी लोक गायिका Teejan Bai का निधन हो गया है। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी समेत देश के कई प्रमुख नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। Teejan Bai Death News के सामने आने के बाद कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

नेताओं ने अपने शोक संदेशों में तीजन बाई को भारतीय लोक कला की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा और समर्पण से छत्तीसगढ़ की पांडवानी परंपरा को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाई।

भारतीय लोक कला की अमूल्य धरोहर थीं Teejan Bai

Teejan Bai Death News ने देशभर के कला प्रेमियों को भावुक कर दिया है। पांडवानी गायन शैली की सबसे प्रभावशाली कलाकारों में शामिल तीजन बाई ने दशकों तक अपनी कला के माध्यम से महाभारत की कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

उनकी दमदार आवाज, प्रभावशाली मंच उपस्थिति और अनूठी प्रस्तुति शैली ने उन्हें देश-दुनिया में विशेष पहचान दिलाई। उन्होंने लोककला को केवल मंच तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जताया गहरा दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पंडवानी कलाकार तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज और प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से महाभारत की कथाओं को मंच पर जीवंत कर दिया था।

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्षों की साधना, समर्पण और प्रतिभा के बल पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध पांडवानी परंपरा को देश और विदेश में नई पहचान दिलाई। उन्होंने दिवंगत कलाकार के परिजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया अपूरणीय क्षति

Teejan Bai Death News पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी भव्य और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पांडवानी लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका निधन कला एवं संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने शोकाकुल परिवार और उनके लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए “ओम शांति” कहा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का शोक संदेश

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संदेश में कहा कि तीजन बाई के निधन से भारतीय लोक कला, संगीत और संस्कृति जगत ने एक अमूल्य रत्न खो दिया है।

 Teejan Bai Death News

उन्होंने कहा कि अपनी अनूठी शैली, जीवंत प्रस्तुतियों और सशक्त अभिव्यक्ति के माध्यम से तीजन बाई ने पांडवानी गायन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विशेष पहचान दिलाई। उनका जीवन लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित रहा।

अमित शाह और नितिन गडकरी ने भी दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय प्रतिभा और अथक समर्पण से पांडवानी लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के संरक्षण में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि तीजन बाई ने अपनी सशक्त आवाज और कला के माध्यम से पांडवानी को नई पहचान दी। उन्होंने उनके निधन को देश के कला एवं संस्कृति जगत के लिए बड़ी क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

पांडवानी परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने वाली कलाकार

Teejan Bai Death News केवल एक कलाकार के निधन की खबर नहीं है, बल्कि भारतीय लोक परंपरा के एक स्वर्णिम अध्याय के समापन का भी प्रतीक है। तीजन बाई ने पांडवानी शैली को गांवों और लोक मंचों से निकालकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया।

उनकी प्रस्तुतियों ने भारतीय लोककला की समृद्ध विरासत को दुनिया के सामने रखा। उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया था।

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कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

तीजन बाई का निधन भारतीय सांस्कृतिक विरासत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपने जीवनभर लोककला के संरक्षण, प्रचार और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का कार्य किया।

आज उनके निधन पर पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है। उनकी कला, आवाज और पांडवानी परंपरा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

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