News Saga Desk
रंगों के पर्व होली से ठीक पहले आसमान में भी रंगों की छटा बिखरने वाली है। पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देगा, मानो प्रकृति खुद होली के रंगों से सराबोर हो गई हो। देश के अधिकांश हिस्सों में चंद्रोदय के समय ग्रहण अपने अंतिम चरण में होगा, जबकि उत्तर-पूर्वी भारत और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ स्थानों पर पूर्ण चरण का अंत भी देखा जा सकेगा। ये दुर्लभ खगोलीय घटना 3 मार्च को देखने को मिलेगा ये साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी के आने से चंद्रग्रहण लगता है.
ग्रहण का समय (भारतीय समयानुसार)
ग्रहण का प्रारंभ: दोपहर 3:20 बजे
पूर्णता का प्रारंभ: शाम 4:34 बजे
पूर्णता की समाप्ति: शाम 5:33 बजे
ग्रहण की समाप्ति: शाम 6:48 बजे
पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा को पूरी तरह ढक लेती है। इस दौरान चंद्रमा तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है। होली के माहौल में यह दृश्य ऐसा लगेगा जैसे चांद पर भी गुलाल उड़ाया गया हो।
वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक सामान्य खगोलीय प्रक्रिया है, जिसे नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। वहीं सांस्कृतिक रूप से, होली के आसपास होने वाला यह ग्रहण लोगों के लिए उत्सुकता और चर्चा का विषय बन जाता है। खुले स्थान पर जाकर, जहां रोशनी कम हो, वहां से चंद्रोदय के समय आसमान की ओर देखें। मौसम साफ रहा तो यह दृश्य बेहद आकर्षक होगा। इस बार होली के रंग सिर्फ धरती पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी नजर आएंगे — जब चांद खुद लाल रंग में रंगा दिखाई देगा।
No Comment! Be the first one.