News Saga Desk
नई दिल्ली। भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर का दर्शन किया और इसे ‘असंभव चमत्कार’ बताया। उन्होंने इसकी अद्भुत सुंदरता, रचनात्मकता और समावेशिता की सराहना की तथा इस ऐतिहासिक परियोजना को साकार करने में बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के संतों की निस्वार्थ सेवा के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। प्रधान ने मंदिर की सराहना करते हुए कहा कि यह अंतरधार्मिक संवाद और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
धर्मेन्द्र प्रधान बीएपीएस हिंदू मंदिर की सुंदरता, रचनात्मकता और समावेशिता से मंत्रमुग्ध हो गए। उन्होंने इसे ‘असंभव चमत्कार’ और एक ‘सभ्यता की उपलब्धि’ बताते हुए बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के संतों की निस्वार्थ सेवा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की।

‘भक्ति और त्याग का भी प्रतीक है ये मंदिर’
उन्होंने उल्लेख किया कि यह मंदिर भारत के शाश्वत मूल्यों सौहार्द, शांति और आध्यात्मिकता का वैश्विक स्तर पर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर न केवल असाधारण शिल्पकला को प्रदर्शित करता है बल्कि असंख्य स्वयंसेवकों और भक्तों की सामूहिक भक्ति और त्याग का भी प्रतीक है। प्रधान ने मंदिर की सराहना करते हुए कहा कि यह अंतरधार्मिक संवाद और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने आगे कहा कि यह मंदिर हमेशा भारत के सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक रहेगा, जो राष्ट्रों के दिलों को जोड़ता है और दुनिया को आस्था और सेवा की अमर शक्ति की याद दिलाता है।
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