News Saga Desk
धनबाद: बार एसोसिएशन और सदर अस्पताल परिसर के बीच रास्ते को लेकर बना बाउंड्री वॉल विवाद अब प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर एसएसपी के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने अपनी दो दिवसीय हड़ताल समाप्त कर दी है, वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दीवार तोड़े जाने के फैसले के विरोध में सड़क पर उतर आए हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब सुरक्षा कारणों से स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल परिसर और बार एसोसिएशन के बीच बने रास्ते पर पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया। अधिवक्ताओं ने इस दीवार को रास्ते में बाधा बताते हुए दो दिनों तक कामकाज ठप रखा। शुक्रवार को एसएसपी द्वारा दीवार हटाने का आश्वासन दिए जाने के बाद वकीलों ने हड़ताल समाप्त कर दी।

हालांकि, दीवार हटाने की बात सामने आते ही सदर अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। शनिवार को अस्पताल परिसर से निकलकर स्वास्थ्यकर्मी सड़कों पर उतर आए और दीवार तोड़े जाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) सहित झारखंड के अन्य डॉक्टर संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि अस्पताल परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही अक्सर होती रहती है, ऐसे में सुरक्षा दीवार बेहद जरूरी है। उनका तर्क है कि यह दीवार मरीजों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।
सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. संजीव कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में अस्पतालों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में गर्ल्स हॉस्टल और एएनएम क्वार्टर भी स्थित हैं, जहां महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। दीवार तोड़े जाने से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
अब एक ओर अधिवक्ताओं की मांग और दूसरी ओर डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों का विरोध, इन दोनों के बीच संतुलन बनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मामले को लेकर जिला प्रशासन पर सभी पक्षों को संतुष्ट करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
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