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जमशेदपुर में करंट से मजदूर की मौत मामले में सरयू राय और विकास सिंह ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई और आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
एमजीएम थाना क्षेत्र के जयपाल कॉलोनी में पाइपलाइन बिछाने के दौरान करंट लगने से मजदूर चेतन यादव की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और भाजपा नेता विकास सिंह ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दोनों नेताओं ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

बिना सुरक्षा मानकों के काम कराने का आरोप
सरयू राय और विकास सिंह ने आरोप लगाया कि बालिगुमा पानी टंकी तक राइजिंग पाइपलाइन बिछाने का कार्य पर्याप्त तकनीकी अध्ययन और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के बिना कराया जा रहा था। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान बिजली विभाग के साथ उचित समन्वय और आवश्यक अनुमति नहीं ली गई, जिसके कारण यह दर्दनाक घटना हुई।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी या निजी विकास कार्य में मजदूरों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण होनी चाहिए। यदि कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग
दोनों नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पाइपलाइन निर्माण कार्य में किन स्तरों पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि केवल जांच तक मामला सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
रोजी-रोटी के लिए आए मजदूर की गई जान
विधायक सरयू राय और भाजपा नेता विकास सिंह ने कहा कि मृतक चेतन यादव गिरिडीह से रोजगार की तलाश में जमशेदपुर आए थे। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे, लेकिन कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण उनकी जान चली गई।
उन्होंने कहा कि मजदूर किसी भी विकास परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा को नजरअंदाज करना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर मजदूरों की जान से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मृतक मजदूर के परिवार को उचित आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि मृतक के आश्रितों को सरकार, संबंधित संवेदक (ठेकेदार) और जिम्मेदार एजेंसियों की ओर से उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या अन्य संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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मजदूर सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाइपलाइन, बिजली लाइन और अन्य तकनीकी कार्यों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है।
नेताओं ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी निर्माण एजेंसियों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने की अपील की कि जिले में चल रहे सभी विकास कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए।
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