गणेश चतुर्थी पर CM योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार में उतारने और स्थानीय उत्पाद अपनाने की अपील की।
News Saga Desk
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखकर पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। गणेश चतुर्थी पर योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक एकता, राष्ट्र के प्रति संकल्प और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को केवल विचार तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों और हुनर को बढ़ावा देने से प्रदेश के कारीगरों को काम मिलेगा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने गणेशोत्सव को ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना से जोड़ते हुए विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प दोहराया।
सामाजिक एकता और राष्ट्र के संकल्प का पर्व
गणेश चतुर्थी पर योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए इसे सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति संकल्प को मजबूत करने वाला महापर्व बताया। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी लोगों को एकजुट होने और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्व की कोटि-कोटि मंगलकामनाएं देते हुए भगवान गणेश से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता की कामना की। उन्होंने त्योहार की धार्मिक भावना के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को भी जोड़ने पर जोर दिया।
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश की आराधना का प्रमुख पर्व है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस अवसर पर पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं। उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर श्रद्धालु उत्साह के साथ गणेशोत्सव मनाते हैं।
गणेशोत्सव से विश्वकर्मा पूजन तक संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सृजन और निर्माण के स्वरूप भगवान विश्वकर्मा के पूजन में भी यही भावना दिखाई देती है।
उन्होंने 17 सितंबर को होने वाले भगवान विश्वकर्मा पूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि सृष्टि के प्रथम अभियंता के रूप में भगवान विश्वकर्मा की पूजा के अवसर पर कौशल और तकनीक के संगम से आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री के संदेश में धार्मिक आस्था के साथ कौशल, तकनीक और निर्माण को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। उन्होंने इन क्षेत्रों को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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‘वोकल फॉर लोकल’ को व्यवहार में उतारने की अपील
गणेश चतुर्थी पर योगी आदित्यनाथ का सबसे प्रमुख संदेश स्थानीय उत्पादों और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने को लेकर रहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विशेष आग्रह किया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ को सिर्फ एक विचार या नारे के रूप में न देखा जाए।
उन्होंने कहा कि इसे व्यवहार का हिस्सा बनाने की जरूरत है। स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने और स्थानीय कारीगरों की मेहनत को सम्मान देने से प्रदेश के भीतर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक स्थानीय उत्पादों का सम्मान बढ़ने से कारीगरों के हाथों को काम मिलेगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
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