News Saga Desk
Hemant Soren ने झारखंड मंत्रालय में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग तथा अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अंतर्गत स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से संचालित योजनाओं की व्यापक समीक्षा की।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का डिजिटलाइजेशन कर एक समग्र डेटाबेस तैयार किया जाए और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने मिशन शक्ति, मिशन वात्सल्य, बाल गृहों, ओल्ड एज होम सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।
वर्किंग वुमन के लिए बनेगा डेटा बेस
मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के तहत संचालित सखी निवास योजना की समीक्षा करते हुए राज्य में कामकाजी महिलाओं का एक व्यापक डेटा बेस तैयार करने का निर्देश दिया। इस योजना का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास और डे-केयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही शक्ति सदन योजना के संचालन में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
डिजिटल एजुकेशन और रोजगार पर फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने जनजातीय, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, आश्रम विद्यालय, छात्रावास और अस्पतालों के संचालन की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि राज्य में डिजिटल और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस योजना बनाई जाए। इसके साथ ही नर्सिंग कॉलेजों के संचालन पर जोर देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं, इसलिए युवाओं को इससे जोड़ने की दिशा में काम किया जाए।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सीएम सोरेन ने कहा कि शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ क्रियान्वयन राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और छात्रावासों में बच्चों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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