News Saga Desk
रांची : राजधानी रांची में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) यानी Panchayats (Extension to Scheduled Areas) Act (PESA) नियमावली 2025 के प्रभावी अनुपालन और जमीनी क्रियान्वयन में नागरिक समाज की भूमिका को लेकर राज्यस्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
इस कार्यक्रम में K. Raju, मंत्री Deepika Pandey Singh, पंचायती राज की निदेशक बी. राजेश्वरी सहित कई अधिकारी और PESA से जुड़े स्टेकहोल्डर्स शामिल हुए।
ग्राम सभा को सशक्त बनाने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभा के सदस्यों को उनके कानूनी अधिकारों और शक्तियों के प्रति जागरूक करना रहा। वक्ताओं ने कहा कि PESA नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ग्राम सभाओं को सशक्त बनाना बेहद जरूरी है।
झारखंड का PESA मॉडल देश में सर्वश्रेष्ठ
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने कहा कि झारखंड की PESA नियमावली देश में सर्वश्रेष्ठ है और इसमें सभी जरूरी प्रावधान शामिल किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया कि जिला और पंचायत स्तर पर PESA कोऑर्डिनेशन कमिटी बनाई जाए और ग्राम सभाओं को प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि वे अपने अधिकारों का सही तरीके से उपयोग कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले छह महीने PESA के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर
मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने PESA कानून को लेकर अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति (Political Will) दिखाई है। उन्होंने कहा कि झारखंड की PESA नियमावली देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रही है। उन्होंने बताया कि इस बैठक का उद्देश्य PESA नियमों को बेहतर तरीके से लागू करना है और इसके लिए सकारात्मक फीडबैक मिल रही है। साथ ही, कोऑर्डिनेशन कमिटी के गठन की दिशा में भी काम किया जाएगा।
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