उच्च स्तरीय समिति की दूसरी बैठक संपन्न, 2-3 दिनों में सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
News Saga Desk
रांची | झारखंड में JTET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने के मुद्दे पर गठित पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति की दूसरी और संभवतः अंतिम बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक के बाद राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि समिति अपनी रिपोर्ट अगले 2-3 दिनों में मुख्यमंत्री और कैबिनेट को सौंपेगी, जिसके बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
बैठक में परीक्षा के भाषा पैटर्न को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कई सदस्यों ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में पार्ट-2 के तहत 15 जनजातीय भाषाओं में से किसी एक का चयन अनिवार्य है, जिससे कुछ जिलों के अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
समिति के सदस्यों ने भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को JTET तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि झारखंड के कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग इन भाषाओं का उपयोग करते हैं, इसलिए इन्हें भी परीक्षा प्रणाली में मान्यता दी जानी चाहिए।
झारखंड में JTET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को शामिल करने पर बनी उच्च स्तरीय समिति की अहम बैठक संपन्न।#Jharkhand #JTET #Bhojpuri #Maithili #Magahi #Angika #JharkhandNews #Education #CompetitiveExams #RadhakrishnaKishore #LanguageIssue pic.twitter.com/9udNyiIYbu
— News Saga (@Newssaga_India) May 22, 2026
बैठक के दौरान सुदिव्य कुमार सोनू ने समिति में जनजातीय और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया।
अब समिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री और राज्य कैबिनेट को भेजी जाएगी, जिसके बाद इस विषय पर सरकार बड़ा निर्णय ले सकती है।
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