पलामू में बिजली संकट: 270 मेगावाट जरूरत, मिल रही 183 मेगावाट

NEWS SAGA DESK

पलामू में 270 मेगावाट बिजली की जरूरत के मुकाबले 183 मेगावाट आपूर्ति हो रही है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने किसानों के लिए बिजली व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

पलामू में कम बारिश और गर्मी के बीच पलामू बिजली संकट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में बिजली की कुल आवश्यकता करीब 270 मेगावाट है, जबकि वर्तमान में केवल 183 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। यानी जिले में करीब 87 मेगावाट बिजली की कमी बनी हुई है। कृषि कार्य प्रभावित न हों, इसे लेकर गुरुवार को समाहरणालय सभागार में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य फोकस किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध कराने पर रहा। मंत्री ने अधिकारियों और विद्युत विभाग के अभियंताओं को बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

270 मेगावाट जरूरत के मुकाबले 183 मेगावाट आपूर्ति

समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री ने सबसे पहले जिले में बिजली की कुल मांग और वर्तमान आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पलामू को लगभग 270 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है, लेकिन फिलहाल 183 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है।

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इस वजह से करीब 87 मेगावाट की कमी बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर विशेष रूप से देखने को मिल रहा है। कम बारिश के कारण पहले से ही कृषि गतिविधियां प्रभावित हैं और ऐसे समय में सिंचाई के लिए बिजली की नियमित उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

किसानों के लिए बिजली आपूर्ति को प्राथमिकता

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि पलामू प्रमंडल में कम बारिश, सूखे और गर्मी की वजह से कृषि कार्य पहले ही चुनौतीपूर्ण स्थिति में हैं। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को कृषि कार्य को प्राथमिकता में रखते हुए बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने का निर्देश दिया। साथ ही लो वोल्टेज और जर्जर विद्युत तारों से जुड़ी समस्याओं को भी तत्काल दुरुस्त करने पर जोर दिया।

मंत्री ने कहा कि पलामू बिजली संकट का असर किसानों की खेती पर नहीं पड़ना चाहिए। इसके लिए विभागीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त व्यवस्था करने की जरूरत है।

25 KVA से 63 KVA और 100 KVA होंगे ट्रांसफार्मर

बैठक में बढ़े हुए कृषि भार के कारण ट्रांसफार्मरों पर पड़ रहे अतिरिक्त दबाव को लेकर भी चर्चा हुई। मंत्री ने नियमानुसार 25 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को 63 केवीए और 63 केवीए वाले ट्रांसफार्मरों को 100 केवीए क्षमता में अपग्रेड करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उनके स्तर से 63 केवीए और 100 केवीए क्षमता के नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की दिशा में तत्काल पहल की जाएगी। इससे ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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