पश्चिम बंगाल में TMC टूटी, बागी विधायकों ने किया बहुमत समर्थन का दावा

News Saga Desk

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी असंतोष और गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के कई विधायक संगठनात्मक बैठकों से दूरी बना रहे हैं, जबकि नेतृत्व को लेकर विवाद ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

बुधवार को बागी गुट के नेताओं ने दावा किया कि उन्हें TMC के 58 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसके अलावा दो और विधायकों के समर्थन का दावा भी किया गया है। बागी नेताओं ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी द्वारा शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (AITC) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दो विधायकों संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। पार्टी का आरोप है कि दोनों नेता संगठन के खिलाफ काम कर रहे थे और अनुशासनहीनता में शामिल थे।

निष्कासन के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके साथ 60 विधायक हैं और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम में अखरुफ जमां मुख्य सचेतक की भूमिका निभाएंगे, जबकि चार विधायकों को विपक्ष का उपनेता बनाया गया है।

दरअसल, विवाद की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष के चयन से जुड़े एक प्रस्ताव पर कथित फर्जी हस्ताक्षर के आरोपों के बाद हुई थी। इसी मामले को आधार बनाकर पार्टी ने ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के खिलाफ कार्रवाई की थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बागी विधायकों के दावे सही साबित होते हैं, तो यह TMC के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से बागी गुट के दावों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

Read More News

Read More