झारखंड में 23 से 27 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। रांची समेत 16 जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
News Saga Desk
रांची: झारखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में 23 से 27 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।
राजधानी रांची में बुधवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे के दौरान बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
आज 16 जिलों में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार यानी 23 सितंबर को रांची समेत राज्य के करीब 16 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई स्थानों पर मेघ गर्जन और वज्रपात की भी आशंका है।
दक्षिणी झारखंड और उससे सटे इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवा और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
24 सितंबर को इन जिलों में ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार, 24 सितंबर को दक्षिणी झारखंड के सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के साथ-साथ उनसे सटे मध्य झारखंड के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इनमें रांची, गुमला और खूंटी जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
25 और 26 सितंबर को भी बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, 25 और 26 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।
वहीं, 27 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में गरज और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है।
डीप डिप्रेशन के कारण बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम पूर्वानुमान के मुताबिक ही विकसित हुआ है। फिलहाल यह सिस्टम डीप डिप्रेशन के रूप में मौजूद है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, यह सिस्टम बुधवार देर शाम या रात के दौरान विशाखापट्टनम, गोपालपुर और कलिंगपट्टनम के आसपास तट को पार कर सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
इसी सिस्टम के प्रभाव से झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं।
23 से 25 सितंबर तक मुख्य असर
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, झारखंड में इस सिस्टम का मुख्य प्रभाव 23, 24 और 25 सितंबर को देखने को मिलेगा। 26 सितंबर तक भी कुछ इलाकों में इसका असर बना रह सकता है।
वहीं, 27 सितंबर से मौसम में कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में गरज, वज्रपात और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
वज्रपात को लेकर रहें सावधान
भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश और गरज के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान जैसे स्थानों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।
किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। खासकर वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचना चाहिए।
मौसम का पूर्वानुमान एक नजर में
- 23 सितंबर: कई जिलों में भारी बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना।
- 24 सितंबर: सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, गुमला और खूंटी समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- 25 सितंबर: कुछ हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक।
- 26 सितंबर: कुछ इलाकों में सिस्टम का असर जारी रहने की संभावना।
- 27 सितंबर: गरज-वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवा की संभावना, इसके बाद राहत के आसार।
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