NEWS SAGA DESK
नई दिल्ली/गंगटोक: रेलवे नेटवर्क को अधिक कुशल और यात्रियों के अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के प्रयासों के तहत रेलवे मामलों की उच्च स्तरीय संसदीय स्थायी समिति 9 जून तक गंगटोक, कोलकाता और ऋषिकेश के अध्ययन दौरे पर है। लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों से गठित यह समिति देशभर में रेलवे बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और क्षमता विस्तार से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर रही है।
इसी क्रम में समिति ने गुरुवार को सिक्किम को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी सिवोक-रंगपो रेलवे लाइन परियोजना का निरीक्षण किया। समिति ने 44.96 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर बन रहे रेलवे स्टेशनों, सुरंगों और पुलों का जमीनी जायजा लिया।
दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का लगभग 77 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण कार्य को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। समिति के सदस्यों ने निर्माणाधीन रंगपो रेलवे स्टेशन और टनल संख्या-14 का भी दौरा किया तथा दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में चल रहे इंजीनियरिंग कार्यों की जटिलताओं को समझा।
पूर्वोत्तर में रेल विस्तार पर विशेष चर्चा
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा के अनुसार, समिति ने गंगटोक में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक और IRCON International Limited के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के साथ बैठक भी की। बैठक का मुख्य विषय पूर्वोत्तर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रेल नेटवर्क का विस्तार रहा।
बैठक में विशेष रूप से सिवोक-रंगपो परियोजना की प्रगति, क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने और दूरदराज के इलाकों को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने पर चर्चा की गई।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से सिक्किम को पहली बार सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे पर्यटन, व्यापार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों को सुरक्षित, तेज और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
उत्तर क्षेत्र की परियोजनाओं की भी होगी समीक्षा
उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, संसदीय समिति जल्द ही उत्तर क्षेत्र का भी दौरा करेगी। इस दौरान विभिन्न रेलवे परियोजनाओं की प्रगति, बुनियादी ढांचा विकास और आधुनिकीकरण कार्यों की समीक्षा की जाएगी। यह रेलवे नेटवर्क के विस्तार और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन की दिशा में चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।
रेलवे का मानना है कि नई रेल परियोजनाओं और नेटवर्क विस्तार से न केवल कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास, आर्थिक गतिविधियों और लोगों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
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