झारखंड छात्र आंदोलन की गूंज संसद तक पहुंची, भाजपा सांसदों ने किया प्रदर्शन

NEWS SAGA DESK

झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भाजपा सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। जानिए पूरा मामला।

रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने संसद भवन परिसर स्थित मकर द्वार पर प्रदर्शन कर झारखंड में आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की। सांसदों ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्य सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों

प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने किया। इस दौरान झारखंड और ओडिशा के कई सांसदों ने हिस्सा लिया। भाजपा सांसदों ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों की ओर से उठाई जा रही आवाज अब सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद तक पहुंच चुकी है।

छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध

प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों ने झारखंड में छात्र आंदोलन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया गया। सांसदों ने कथित लाठीचार्ज की जांच कराने और छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

भाजपा सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि झारखंड में कांग्रेस की झामुमो के साथ सत्ता में साझेदारी है, इसलिए पार्टी छात्र आंदोलन के मुद्दे पर मौन है।

आधी रात की कार्रवाई पर आदित्य साहू ने उठाए सवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि मंगलवार आधी रात जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित आंदोलन स्थल पर उपायुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों की बिजली काटकर उन्हें जबरन हटाने का प्रयास किया गया।

आदित्य साहू ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि भाजपा नेताओं के रात में धरना स्थल पहुंचने के बाद प्रशासन का पीछे हटना इस बात का संकेत है कि सरकार दमन के जरिए छात्र आंदोलन को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।

सड़क से सदन तक लड़ाई की चेतावनी

आदित्य साहू ने राज्य सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती हुई तो भाजपा सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के अधिकार और न्याय की लड़ाई में भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है।

उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार से स्पष्ट जवाब देने और छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

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संसद परिसर में प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों ने हाथों में नारे लिखी तख्तियां ले रखी थीं। इनमें “झारखंड में छात्रों पर हुई लाठीचार्ज पर राहुल गांधी जवाब दो”, “छात्रों पर हुई अमानवीयता पर राहुल गांधी जवाब दो”, “छात्रों पर हुई हिंसा पर राहुल गांधी जवाब दो” और “छात्रों पर हुए अन्याय पर राहुल गांधी जवाब दो” जैसे नारे शामिल थे।

प्रदर्शन में सांसद निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह समेत झारखंड के कई सांसद शामिल हुए। ओडिशा के सांसदों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लेकर झारखंड के छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई।

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