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पूर्वी सिंहभूम के बागबेड़ा में प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद में घायल आशीष कुमार की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई।

रांची/जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बागबेड़ा थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर हुए विवाद के दौरान घायल हुए 28 वर्षीय युवक आशीष कुमार की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद से ही गंभीर हालत में उसका इलाज चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए पटना ले गए थे, जहां 11 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया।
आशीष बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के सर्वोदय नगर, देवी सराय का रहने वाला था। वह बागबेड़ा थाना क्षेत्र के कॉलोनी रोड नंबर-3, ब्लॉक संख्या 98/2/3 में हुई घटना के बाद गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। अब उसकी मौत के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
मृत्यु प्रमाणपत्र में गंभीर चोटों का उल्लेख
अस्पताल की ओर से जारी मृत्यु प्रमाणपत्र में आशीष के शरीर पर गंभीर चोटों के साथ कई चिकित्सकीय जटिलताओं का उल्लेख किया गया है। प्रमाणपत्र के अनुसार उसके फेफड़ों में गंभीर समस्या, संक्रमण, गुर्दे की कार्यक्षमता प्रभावित होने और प्लेटलेट्स कम होने जैसी स्थितियां सामने आई थीं। इसके अलावा कई पेल्विक हड्डियों में फ्रैक्चर का भी उल्लेख किया गया है।
मृत्यु प्रमाणपत्र में मौत की प्रकृति को जांच लंबित रहने की स्थिति में दर्ज किया गया है। ऐसे में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आशीष को लगी चोटें किन परिस्थितियों में आईं और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
29 जुलाई को घर के अंदर घायल मिला था युवक
बताया जाता है कि 29 जुलाई की सुबह संबंधित मकान से शोर सुनाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। सूचना मिलने पर बागबेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आशीष घर के अंदर घायल और अचेत अवस्था में मिला था। इसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
जमशेदपुर में इलाज के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही। बाद में परिजन उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए पटना ले गए। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
आशीष ने लगाया था मारपीट का आरोप
घटना के बाद आशीष ने आरोप लगाया था कि बागबेड़ा निवासी एक युवती से उसका करीब डेढ़ वर्ष से प्रेम संबंध था। उसके अनुसार युवती के बुलाने पर वह उसके घर पहुंचा था, जहां युवती के परिजनों ने कथित तौर पर उसे घर में बंद कर उसके साथ मारपीट की।
आशीष ने अपने आरोपों के समर्थन में मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत और बैंक लेन-देन को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया था। परिजनों का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से घटना की परिस्थितियों की जांच में मदद मिल सकती है।
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दूसरी ओर, युवती के पिता ने आशीष पर उनकी बेटी के कमरे में घुसकर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि इसी वजह से विवाद हुआ। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
आशीष की मौत के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों, घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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