News Saga Desk
रांची: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मेडिकल सीट अलॉटमेंट और नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम बुधवार को रिम्स पहुंची और डीन कार्यालय समेत विभिन्न विभागों में उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच शुरू की। जांच एजेंसी नामांकन प्रक्रिया और टेंडर से जुड़े मामलों में हुई संभावित गड़बड़ियों की पड़ताल कर रही है।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले शैक्षणिक सत्र में हुए दाखिलों से संबंधित शिकायतों के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड, काउंसलिंग दस्तावेज, आवंटित सीटों का ब्यौरा तथा संबंधित प्रशासनिक फाइलों का अवलोकन किया जा रहा है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं।
दरअसल, पिछले शैक्षणिक सत्र में रिम्स में हुए कुछ दाखिले को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई थीं। आरोप लगाया गया था कि नियमों की अनदेखी कर कुछ अयोग्य अभ्यर्थियों को दाखिला दिया गया। शिकायतों में प्रवेश प्रक्रिया में पक्षपात, दस्तावेजों की सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही तथा भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक स्तर पर शिकायतों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत जांच सीआईडी को सौंप दी थी।
राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में मेडिकल सीट अलॉटमेंट और नामांकन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम बुधवार को रिम्स पहुंची और डीन कार्यालय समेत विभिन्न विभागों में उपलब्ध दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच शुरू की। जांच एजेंसी नामांकन प्रक्रिया और टेंडर से जुड़े मामलों में हुई संभावित गड़बड़ियों की पड़ताल कर रही है।
सीआईडी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले शैक्षणिक सत्र में हुए दाखिलों से संबंधित शिकायतों के आधार पर की जा रही है। जांच के दौरान प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड, काउंसलिंग दस्तावेज, आवंटित सीटों का ब्यौरा तथा संबंधित प्रशासनिक फाइलों का अवलोकन किया जा रहा है। टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं।
इस मामले ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों की नजर अब सीआईडी जांच की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा होगा और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। रिम्स में चल रही यह जांच राज्यभर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
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