Prince Khan Extortion Case: रांची के कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी की मांग, दुबई नंबर से मिली जान से मारने की धमकी

NEWS SAGA DESK

Prince Khan Extortion Case में रांची के कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी मांगी गई। दुबई नंबर से धमकी, परिवार की हत्या की चेतावनी और रेकी के आरोप के बाद पुलिस जांच में जुटी।

Prince Khan Extortion Case ने एक बार फिर झारखंड की राजधानी रांची में व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के हटिया क्षेत्र के एक कारोबारी से कथित तौर पर गैंगस्टर प्रिंस खान के नाम पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। धमकी देने वालों ने रकम नहीं देने पर पूरे परिवार की हत्या करने की चेतावनी दी है। मामले में पीड़ित कारोबारी ने जगन्नाथपुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है और पुलिस जांच शुरू कर चुकी है।

क्या है पूरा मामला?

Prince Khan Extortion Case के अनुसार, हटिया के चांदनी चौक ओबरिया रोड निवासी कारोबारी उमाशंकर सिंह कॉस्मेटिक उत्पादों और देसी शराब की पैकिंग का व्यवसाय करते हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, 24 जून की रात करीब 12 बजे उन्हें दुबई के मोबाइल नंबर (+971545920432) से व्हाट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ।

मैसेज भेजने वाले ने खुद को गैंगस्टर प्रिंस खान का आदमी बताते हुए पांच करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद उसी नंबर से ऑडियो कॉल भी किया गया, जिसमें गंभीर धमकियां दी गईं।

Prince Khan Extortion Case

धमकी देने वालों के पास थी हर गतिविधि की जानकारी

इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि धमकी देने वालों के पास कारोबारी और उनके परिवार की दिनचर्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी होने का दावा किया गया है। उमाशंकर सिंह ने पुलिस को बताया कि मैसेज में उनके वाहनों, कारोबार के ठिकानों और दैनिक गतिविधियों का उल्लेख किया गया था।

इतना ही नहीं, धमकी देने वालों ने उनके मंदिर जाने का समय और नियमित रूट की जानकारी भी साझा की। इससे कारोबारी और उनका परिवार भयभीत हो गया है। पीड़ित का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि कोई स्थानीय व्यक्ति अपराधियों के लिए रेकी कर रहा है और उनकी गतिविधियों की जानकारी विदेश में बैठे गिरोह तक पहुंचा रहा है।

पुलिस को सौंपे गए अहम सबूत

Prince Khan Extortion Case में कारोबारी ने व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट, धमकी भरे संदेश और ऑडियो कॉल की रिकॉर्डिंग पुलिस को उपलब्ध कराई है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमकी देने वालों का नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है।

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटा रही है। मामले में साइबर एंगल से भी जांच की जा रही है।

व्यापारियों में बढ़ी चिंता

इस घटना के बाद रांची के कारोबारी वर्ग में चिंता का माहौल है। जिस तरह धमकी देने वालों के पास कारोबारी की निजी गतिविधियों और आवाजाही की विस्तृत जानकारी थी, उससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि रंगदारी मांगने वाले गिरोह अक्सर पहले अपने संभावित शिकार की रेकी करते हैं और फिर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर वसूली की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस को स्थानीय नेटवर्क और डिजिटल माध्यमों दोनों की गहन जांच करनी होती है।

आधिकारिक स्थिति

जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने कारोबारी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर पड़ताल जारी है। फिलहाल मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि धमकी देने वाले वास्तव में विदेश में बैठे हैं या विदेशी नंबर का उपयोग केवल पहचान छिपाने के लिए किया गया है।

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आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

यदि किसी व्यक्ति को फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से रंगदारी या जान से मारने की धमकी मिलती है, तो उसे तुरंत स्थानीय पुलिस और साइबर अपराध शाखा को इसकी सूचना देनी चाहिए। ऐसे संदेशों को डिलीट करने के बजाय उनके स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखना जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

फिलहाल Prince Khan Extortion Case की जांच जारी है। पुलिस डिजिटल और स्थानीय दोनों स्तरों पर साक्ष्य जुटा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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