Delimitation Row पर BJP नेता मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि परिसीमन संविधान की अनिवार्य प्रक्रिया है। विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
Delimitation Row को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि परिसीमन का विरोध राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है और कुछ दल बिना आधिकारिक तथ्यों के लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन कोई राजनीतिक फैसला नहीं, बल्कि संविधान के तहत निर्धारित एक अनिवार्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।

परिसीमन पर भाजपा का पक्ष
Delimitation Row पर प्रतिक्रिया देते हुए मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि संविधान की भावना के अनुसार प्रत्येक जनगणना के बाद परिसीमन होना चाहिए। इसका उद्देश्य लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में जनसंख्या के अनुसार संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि समय के साथ विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि की दर अलग-अलग रही है। इसके कारण कई संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में असमानता पैदा हो गई है। ऐसे में लोकतंत्र के मूल सिद्धांत के अनुरूप परिसीमन आवश्यक हो जाता है।
दो बार टल चुकी है प्रक्रिया
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए परिसीमन की प्रक्रिया पहले ही दो बार 25-25 वर्षों के लिए स्थगित की जा चुकी है। अब संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप इसे आगे बढ़ाना जरूरी है, ताकि प्रत्येक नागरिक के वोट का महत्व अधिक समान हो और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व न्यायसंगत बन सके।
जनगणना पूरी होने से पहले क्यों हो रहा विवाद?
Delimitation Row पर मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि अभी देश में जनगणना की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और आधिकारिक आंकड़े भी सामने नहीं आए हैं। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल संभावित आशंकाओं के आधार पर जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिना आधिकारिक आंकड़ों और तथ्यों के किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना गैर-जिम्मेदाराना है। परिसीमन पर किसी भी प्रकार की सार्थक चर्चा जनगणना के अंतिम आंकड़े आने के बाद ही होनी चाहिए।
लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को बताया जरूरी
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि परिसीमन किसी राज्य, क्षेत्र या समुदाय के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य पूरे देश में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अधिक संतुलित और न्यायसंगत बनाना है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनावश्यक भय और भ्रम फैलाना लोकतांत्रिक विमर्श को कमजोर करता है। संविधान सम्मत प्रक्रियाओं का सम्मान करना सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की जिम्मेदारी है।
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जनता से भाजपा की अपील
मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। उन्होंने जनता से अपील की कि परिसीमन को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार और अफवाहों से सावधान रहें तथा आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही अपनी राय बनाएं।
उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े आने के बाद परिसीमन पर तथ्यात्मक और लोकतांत्रिक चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक स्वार्थ के आधार पर।
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