Jharkhand SIR 2026: गैर भारतीयों को फॉर्म भरने पर दंड

News Saga Desk

Jharkhand SIR 2026 के तहत केवल भारतीय नागरिक ही इन्यूमरेशन फॉर्म भर सकेंगे। गलत जानकारी देने या गैर भारतीय द्वारा फॉर्म भरने पर कानूनी कार्रवाई होगी।

मतदाता सूची पुनरीक्षण के तहत 30 जून से शुरू होगा इन्यूमरेशन चरण, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जारी किए अहम निर्देश

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम Jharkhand SIR 2026 को लेकर निर्वाचन विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया है कि इन्यूमरेशन फॉर्म केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है। यदि कोई गैर भारतीय नागरिक या भारतीय नागरिकता त्याग चुका व्यक्ति यह फॉर्म भरता है या गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

शनिवार को रांची स्थित निर्वाचन सदन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने प्रमंडलीय आयुक्तों और निर्वाचन अधिकारियों को Jharkhand SIR 2026 की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

Jharkhand SIR 2026

30 जून से शुरू होगा इन्यूमरेशन चरण

निर्वाचन विभाग के अनुसार 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत इन्यूमरेशन चरण संचालित किया जाएगा। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे।

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बीएलओ मतदाताओं से वर्तमान रंगीन फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर फॉर्म जमा करेंगे। यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। Jharkhand SIR 2026 के तहत प्रत्येक पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

केवल भारतीय नागरिकों के लिए है प्रक्रिया

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल भारतीय नागरिकों के लिए लागू है। जो व्यक्ति भारतीय नागरिक नहीं हैं या जिन्होंने अपनी भारतीय नागरिकता छोड़ दी है, उन्हें इन्यूमरेशन फॉर्म नहीं भरना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोग बिना हस्ताक्षर किए फॉर्म तुरंत बीएलओ को वापस कर दें। यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर गणना-घोषणा पत्र जमा करता है, तो यह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा।

नागरिकता निर्धारण के नियम भी बताए

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को भारतीय नागरिकता अधिनियम, 1955 और उसके विभिन्न संशोधनों की भी जानकारी दी गई।

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के. रवि कुमार ने बताया कि 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति जन्मसिद्ध नागरिक माना जाता है। इसे “बर्थ राइट रूल” कहा जाता है।

उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले व्यक्ति के लिए माता या पिता में से किसी एक का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।

वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए दोनों माता-पिता का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है। यदि माता-पिता में से केवल एक भारतीय नागरिक है, तो दूसरे अभिभावक के पास बच्चे के जन्म के समय वैध पासपोर्ट और वीजा होना चाहिए तथा वह अवैध प्रवासी नहीं होना चाहिए।

5 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

निर्वाचन विभाग के अनुसार जिन मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि यदि मतदाता की मैपिंग सही पाई जाती है, तो उसे अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। मतदाता अपने पुराने एसआईआर रिकॉर्ड के आधार पर भी मैपिंग करा सकेंगे।

Jharkhand SIR 2026 के तहत मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

अनुपस्थित और मृत मतदाताओं की अलग सूची बनेगी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि फॉर्म संग्रहण के दौरान अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Death), डुप्लीकेट और हस्ताक्षर से इनकार करने वाले मतदाताओं की अलग सूची तैयार की जाएगी।

इस सूची का सत्यापन मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बीएलए-2 के माध्यम से कराया जाएगा। सत्यापन के बाद इसे प्रारूप मतदाता सूची के साथ प्रकाशित किया जाएगा ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।

नए मतदाताओं को मिलेगा फॉर्म-6

निर्वाचन विभाग ने बताया कि नए मतदाताओं को बीएलओ द्वारा फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। फॉर्म-6 के माध्यम से नए मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से किसी एक की प्रति जमा करना अनिवार्य होगा। आवेदन प्राप्त होने के बाद ऑनलाइन अद्यतन, नोटिस और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अधिकारियों को दिए गए विशेष निर्देश

प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएलओ ऐप, नागरिकता सत्यापन, मतदाता मैपिंग, इन्यूमरेशन फॉर्म और पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम का कम से कम तीन बार निरीक्षण करें और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी देवदास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह सहित कई अधिकारी शामिल हुए।

Jharkhand SIR 2026 के माध्यम से निर्वाचन विभाग का लक्ष्य राज्य की मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में केवल पात्र नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

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