News Saga Desk
Tata Steel Foundation ने नोआमुंडी में श्रवण बाधित बच्चों के Admission को लेकर प्री-एडमिशन बैठक की। चयनित बच्चों के नामांकन की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
नोआमुंडी में आयोजित प्री-एडमिशन बैठक में अभिभावकों को नामांकन प्रक्रिया, छात्रावास और शैक्षणिक सुविधाओं की दी गई विस्तृत जानकारी।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोआमुंडी में Tata Steel Foundation Admission Program के तहत श्रवण बाधित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। शनिवार को कैंप स्कूल परिसर में आयोजित प्री-एडमिशन बैठक में चयनित बच्चों और उनके अभिभावकों को नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य श्रवण बाधित बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उनके लिए बेहतर भविष्य की संभावनाएं तैयार करना है।
Tata Steel Foundation द्वारा आयोजित इस बैठक में नोआमुंडी और जगन्नाथपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए बच्चों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों की शिक्षा, छात्रावास सुविधाओं और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
श्रवण बाधित बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा
Tata Steel Foundation Admission Program का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों तक शिक्षा पहुंचाना है जो किसी न किसी कारण से सामान्य शिक्षा व्यवस्था से दूर रह जाते हैं। श्रवण बाधित बच्चों के लिए विशेष शैक्षणिक संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
बैठक में बताया गया कि चयनित बच्चों को विशेष शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जहां उनकी जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगे और समाज की मुख्यधारा से बेहतर तरीके से जुड़ पाएंगे।
इन गांवों के बच्चों का होगा नामांकन
बैठक में नोआमुंडी प्रखंड के कुटिंता, कुमिरता, पेटेता, लखनसाई, सरबिल, लेम्पाहेसा और बड़ाजामदा गांवों के साथ-साथ जगन्नाथपुर प्रखंड के पोखरिया और सियालजोड़ा गांवों से आए बच्चों को शामिल किया गया।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि चयनित 10 बच्चों का नामांकन जमशेदपुर स्थित कार्मेल बाल विहार (सीबीवी) में प्रस्तावित है। Tata Steel Foundation Admission Program के तहत इन बच्चों को विशेष शिक्षा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

अभिभावकों को दी गई पूरी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान कार्मेल बाल विहार की टीम ने विद्यालय में प्रवेश की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, छात्रावास व्यवस्था, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी दी गई।
सिस्टर अमिका और छाया दास ने प्रस्तुति के माध्यम से अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे वे अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकें।
शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि श्रवण बाधित बच्चों को उचित शिक्षा और प्रशिक्षण मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। Tata Steel Foundation Admission Program जैसी पहलें ऐसे बच्चों को नई पहचान देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
Tata Steel Foundation लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। यह कार्यक्रम भी उसी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य वंचित और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
अभिभावकों ने की पहल की सराहना
बैठक में उपस्थित अभिभावकों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह उनके बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने माना कि विशेष शिक्षा संस्थान में प्रवेश मिलने से बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल मिलेगा और वे अपने जीवन में आगे बढ़ सकेंगे।
अभिभावकों ने Tata Steel Foundation और कार्मेल बाल विहार की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से श्रवण बाधित बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
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समाज के लिए प्रेरणादायक पहल
Tata Steel Foundation Admission Program न केवल शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि यह समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे बच्चों को समय पर उचित शिक्षा और सहयोग मिले तो वे समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
इस प्रकार नोआमुंडी में आयोजित यह प्री-एडमिशन बैठक श्रवण बाधित बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायक पहल साबित हो रही है।
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