Heavy Rain Alert के बीच नासिक में Cloudburst का खतरा टला। IMD ने गुजरात के कई जिलों में Red Alert जारी किया, महाराष्ट्र में भी भारी बारिश की चेतावनी।
News saga Desk
देश के पश्चिमी हिस्सों में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच Heavy Rain Alert को लेकर भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के नासिक जिले में बादल फटने यानी Cloudburst का संभावित खतरा फिलहाल टल गया है, क्योंकि भारी बारिश का मुख्य सिस्टम अब गुजरात के सूरत और आसपास के क्षेत्रों की ओर बढ़ गया है। हालांकि नासिक समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है और प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने गुजरात के कई जिलों के लिए Red Alert जारी करते हुए अगले 24 घंटों में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी है। इस बीच नासिक प्रशासन ने भी लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
IMD ने जारी किया Heavy Rain Alert
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नासिक जिले के त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र के ऊपर मौजूद भारी वर्षा वाले बादल अब धीरे-धीरे गुजरात की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मौसम विभाग के अधिकारी अनुपम कश्यपी ने बताया कि लगभग 450 मिमी वर्षा क्षमता वाले बादलों का समूह अहिल्यानगर होते हुए सूरत की तरफ बढ़ रहा है।
इसी कारण नासिक में संभावित Cloudburst का खतरा कम हुआ है, लेकिन Heavy Rain Alert अभी भी जारी है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर, पुणे, रायगढ़, सातारा और रत्नागिरी जिलों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है।
गुजरात के लिए Red Alert क्यों जारी हुआ?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार भारी वर्षा का मुख्य सिस्टम अब गुजरात की ओर सक्रिय हो रहा है। इसी वजह से राज्य के कई जिलों में अगले 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
Heavy Rain Alert के तहत प्रशासन को बाढ़, जलभराव, बिजली गिरने और भूस्खलन जैसी संभावित घटनाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है। रेड अलर्ट का मतलब है कि स्थिति गंभीर हो सकती है और लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
नासिक प्रशासन ने जारी की सुरक्षा सलाह
नासिक के जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
प्रशासन ने लोगों को त्र्यंबकेश्वर, नासिक और आसपास के पर्यटन स्थलों, झरनों, घाटों तथा नदी किनारों पर जाने से बचने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
गोदावरी नदी का बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के चलते नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार रामकुंड और गांधी झील के कई हिस्से जलमग्न हो चुके हैं।

सुबह के समय धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ के लिए पहुंचे श्रद्धालु और पर्यटक जलभराव वाले क्षेत्रों में दिखाई दिए। प्रशासन ने चिंता जताई है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद कुछ लोग अपनी जान जोखिम में डालकर नदी किनारे और जलभराव वाले स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
पर्यटन स्थलों पर प्रवेश प्रतिबंध
Heavy Rain Alert और संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत विशेष आदेश जारी किए हैं।
असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर और सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, कलवन ने 7, 8 और 9 जुलाई 2026 तक कई संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इनमें प्रमुख रूप से:
प्रभावित क्षेत्र
- श्री सप्तश्रृंगगढ़ धार्मिक स्थल
- झरने और जलप्रपात क्षेत्र
- ट्रेकिंग पॉइंट्स
- नदी किनारे के क्षेत्र
- प्रमुख पर्यटन स्थल
प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित हादसों को रोकने के लिए उठाया गया है।
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महाराष्ट्र और विदर्भ में भी बारिश जारी
मौसम विभाग के अनुसार महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बुधवार तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं विदर्भ क्षेत्र के कई जिलों में रुक-रुक कर वर्षा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।
फिलहाल नासिक में Cloudburst का तत्काल खतरा कम हो गया है, लेकिन Heavy Rain Alert के मद्देनजर महाराष्ट्र और गुजरात दोनों राज्यों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आने वाले 24 से 48 घंटे मौसम की स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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