झारखंड मानसून: कई जिलों में भारी बारिश और येलो अलर्ट

NEWS SAGA DESK

झारखंड मानसून के सक्रिय होते ही 7-9 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी। जानें किन जिलों में सबसे ज्यादा असर रहेगा।

झारखंड में झारखंड मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसका असर राज्य के अधिकांश जिलों में देखने को मिल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों में बने मजबूत कम दबाव के कारण राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। झारखंड मानसून के प्रभाव से 7 से 9 जुलाई तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

झारखंड मानसून के सक्रिय

झारखंड मानसून क्यों हुआ सक्रिय?

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 9.6 किलोमीटर तक फैला हुआ है। यही मौसम प्रणाली झारखंड की ओर लगातार नमी पहुंचा रही है, जिसके कारण झारखंड मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिस्टम अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके प्रभाव से पूरे राज्य में वर्षा की गतिविधियां बनी रहेंगी और कई इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट?

7 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा और चतरा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा राज्य के अधिकांश हिस्सों में मेघ गर्जन और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।

8 जुलाई को भी रांची, बोकारो, गुमला, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, धनबाद, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, लातेहार, देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।

9 जुलाई को भी मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि बारिश का दायरा कुछ कम हो सकता है, लेकिन बादलों की आवाजाही और मेघ गर्जन की संभावना बनी रहेगी।

झारखंड मानसून के सक्रिय

पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?

बीते 24 घंटों के दौरान रामगढ़ डीवीसी क्षेत्र में सबसे अधिक 96.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद बोकारो थर्मल में 75.6 मिलीमीटर, लातेहार में 53.5 मिलीमीटर, रांची में 45 मिलीमीटर, चाईबासा में 42.3 मिलीमीटर और जमशेदपुर में 40.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा कांके में 35.2 मिलीमीटर, सरायकेला में 21.5 मिलीमीटर, खूंटी में 20.5 मिलीमीटर तथा डाल्टनगंज में 16.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से किसानों को राहत भी मिली है।

तापमान में आई गिरावट

झारखंड मानसून के सक्रिय होने से राज्य के अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई है। डाल्टनगंज 31.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि रांची का अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री, जमशेदपुर का 30 डिग्री, बोकारो का 30.2 डिग्री और चाईबासा का 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

न्यूनतम तापमान की बात करें तो कांके में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जिला स्तर पर लातेहार अपेक्षाकृत ठंडा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, जबकि उसके बाद इसमें 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है।

झारखंड मानसून के सक्रिय

पृष्ठभूमि (Background)

हर वर्ष जुलाई का पहला और दूसरा सप्ताह झारखंड में मानसून की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी अवधि में धान की रोपाई और खरीफ फसलों की बुवाई तेज होती है। इस बार बने कम दबाव के क्षेत्र ने पूरे राज्य में अच्छी वर्षा की संभावना बढ़ा दी है, जिससे कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद है।

असर (Impact)

लगातार बारिश से किसानों को सिंचाई की चिंता कम होगी और जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ेगा। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में जलभराव, ट्रैफिक जाम, बिजली आपूर्ति बाधित होने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है। तेज हवाओं और वज्रपात के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

आधिकारिक बयान (Official Statement)

मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा है कि झारखंड में मानसून फिलहाल सक्रिय बना रहेगा। विभाग ने भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।


इसे भी देखें...JPSC Result Controversy: JLKM की बड़ी मांग, JPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा परिणाम रद्द कर CBI जांच!

आम लोगों के लिए जरूरी जानकारी (Public Information)

  • खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
  • किसान मौसम पूर्वानुमान देखकर ही खेतों में कार्य करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करें।

बारिश का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

Read More News

Read More