डीवीसी का 79वां स्थापना दिवस मैथन परियोजना में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। शहीदों को श्रद्धांजलि, रन फॉर डीवीसी, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
डीवीसी का 79वां स्थापना दिवस पर मैथन परियोजना में भव्य आयोजन
मैथन में डीवीसी का 79वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह, अनुशासन और गरिमा के साथ मनाया गया। दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) की मैथन परियोजना में आयोजित इस विशेष समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि, “रन फॉर डीवीसी”, ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगठन की उपलब्धियों को समर्पित विभिन्न आयोजनों के माध्यम से कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने राष्ट्र निर्माण और संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सकों, शिक्षकों, पत्रकारों, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

शहीदों को श्रद्धांजलि के साथ हुई शुरुआत
डीवीसी का 79वां स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरुआत टोल गेट संख्या-2 स्थित शहीद स्मारक पर राष्ट्र के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। मुख्य महाप्रबंधक (कोल समन्वय), वरिष्ठ महाप्रबंधक (सीटीसी एवं संरक्षा) तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को नमन किया।
आयोजकों ने कहा कि राष्ट्र की सेवा और संगठन के प्रति समर्पण की भावना ही डीवीसी की कार्य संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान रही है। इसी भावना के साथ स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ किया गया।
‘रन फॉर डीवीसी’ ने दिया एकता का संदेश
समारोह का प्रमुख आकर्षण “रन फॉर डीवीसी” रहा। मुख्य महाप्रबंधक और वरिष्ठ महाप्रबंधक ने मशाल प्रज्वलित कर दौड़ का शुभारंभ किया। इसके बाद मशाल धावक पारमिता और संदीप ने प्रशासनिक भवन परिसर से रामानुज भवन और गोस्वामी भवन के सामने स्थित पार्क तक मशाल दौड़ का नेतृत्व किया।
निर्धारित स्थल पर मशाल स्थापित कर संगठनात्मक एकता, सुरक्षित कार्य संस्कृति और राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया गया। इस आयोजन में कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर टीम भावना और सामूहिक सहयोग का परिचय दिया।
ध्वजारोहण के साथ दोहराया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
डीवीसी का 79वां स्थापना दिवस के अवसर पर अधिकारियों ने डीवीसी का ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने संगठन की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा ऊर्जा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने संगठन की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन का संकल्प लिया।
अधिकारियों ने बताई डीवीसी की उपलब्धियां
मुख्य महाप्रबंधक (कोल समन्वय) ने अपने संबोधन में कहा कि डीवीसी केवल विद्युत उत्पादन तक सीमित संस्था नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि पिछले 79 वर्षों में निगम ने बिजली उत्पादन, जल संसाधन प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षित कार्य संस्कृति, आधुनिक तकनीक, नवाचार, गुणवत्ता और उत्कृष्ट सेवा के माध्यम से संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ महाप्रबंधक (सीटीसी एवं संरक्षा) ने कहा कि डीवीसी की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित अधिकारी और कर्मचारी हैं। उन्होंने सुरक्षा, गुणवत्ता, कार्यकुशलता और सामूहिक सहयोग को संगठन की पहचान बताते हुए भविष्य की चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच और नवाचार के साथ करने की अपील की।
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
स्थापना दिवस के अवसर पर कल्याण केंद्र में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रमों में अधिकारियों, कर्मचारियों, चिकित्सकों, पत्रकारों, शिक्षकों, सीएसआर गांवों की महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। इस दौरान संगठन की उपलब्धियों, टीम भावना और सामाजिक दायित्वों को भी विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शाया गया।
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डीवीसी की गौरवशाली विरासत और सामाजिक योगदान
दामोदर घाटी निगम देश के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में शामिल है, जिसने पूर्वी भारत में ऊर्जा उत्पादन, जल प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डीवीसी लगातार सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े कई कार्यक्रम भी संचालित करता है।
डीवीसी का 79वां स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक समारोह नहीं रहा, बल्कि संगठन की उपलब्धियों, कर्मचारियों की प्रतिबद्धता और राष्ट्र सेवा के संकल्प को नई ऊर्जा देने वाला अवसर भी साबित हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि आधुनिक तकनीक, सुरक्षित कार्य संस्कृति और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से डीवीसी आने वाले वर्षों में भी विकास और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
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