Haldia LPG Crisis के बीच नाफ्था पाइपलाइन विस्फोट से रसोई गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ी। प्रशासन ने पाइपलाइन मरम्मत और सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।
News Saga Desk
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में सामने आया Haldia LPG Crisis अब आम लोगों की चिंता का विषय बनता जा रहा है। हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स क्षेत्र में नाफ्था पाइपलाइन विस्फोट के बाद लगी भीषण आग से एलपीजी गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। जिला प्रशासन और तेल कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जल्द मरम्मत नहीं हुई तो रसोई गैस उत्पादन में कमी आ सकती है, जिससे बाजार में एलपीजी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
30 जून को हुआ था बड़ा हादसा
30 जून को हल्दिया के चिरंजीबपुर क्षेत्र में एक औद्योगिक पाइपलाइन में भीषण आग लग गई थी। देखते ही देखते आग ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों की पाइपलाइनें, झोपड़ियां, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी भी प्रभावित हुए।
हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घटना के बाद से प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है।
उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा पर मंथन
Haldia LPG Crisis को लेकर मंगलवार को हल्दिया भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व मेदिनीपुर के जिलाधिकारी निरंजन कुमार ने की। इसमें हल्दिया की उपमंडलाधिकारी सुरभि सिंगला, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स, एक्साइड और करीब 38 औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
करीब दो घंटे तक चली बैठक में पाइपलाइन सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने माना कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की जरूरत है।
प्रशासन ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश
बैठक के बाद जिलाधिकारी निरंजन कुमार ने बताया कि सभी औद्योगिक संस्थानों को दो से तीन दिनों के भीतर अपनी पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तृत नक्शा प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

इसके अलावा पाइपलाइनों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और नियमित गश्त सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया है। प्रशासन ने पाइपलाइन के आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना पर भी काम शुरू कर दिया है।
एलपीजी उत्पादन घटने की आशंका
इस बीच Haldia LPG Crisis के कारण रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। इंडियन ऑयल के महाप्रबंधक (तकनीकी) अविकार पाल ने कहा कि आग की वजह से एलपीजी गैस की पाइपलाइन को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि यदि पाइपलाइन की जल्द मरम्मत नहीं हो पाई तो एलपीजी उत्पादन में कमी आ सकती है। इसका सीधा असर बाजार में रसोई गैस की आपूर्ति पर पड़ेगा और कई इलाकों में सिलेंडर की कमी महसूस की जा सकती है।
हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि मरम्मत कार्य तेजी से पूरा हो जाता है तो 15 से 20 दिनों के भीतर स्थिति सामान्य हो सकती है।
जांच जारी, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने कहा कि अग्निकांड के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए औद्योगिक सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाएगा। साथ ही पाइपलाइन नेटवर्क की नियमित निगरानी और जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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आम लोगों पर क्या होगा असर?
अगर Haldia LPG Crisis लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। एलपीजी उत्पादन में कमी आने पर रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे सिलेंडर की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि फिलहाल प्रशासन और तेल कंपनियों ने लोगों से घबराने की बजाय स्थिति पर नजर रखने की अपील की है। युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है और आपूर्ति को जल्द सामान्य बनाने की कोशिश की जा रही है।
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